दिल्ली में पैरा मेडिकल छात्रा के साथ चलती बस में हुए गैंगरेप के मामले में साकेत फास्ट ट्रैक कोर्ट ने शनिवार को पांच आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर दिए। इन आरोपियों के खिलाफ गैंगरेप, हत्या सहित 13 अलग-अलग धाराओं के तहत आरोप तय किए गए हैं।
इससे पहले आरोपियों के वकीलों और अभियोजन पक्ष ने मामले के 6 आरोपियों में से 5 के खिलाफ आरोपों पर अपनी बहस पूरी कर ली थी। बाल न्याय बोर्ड ने पिछले सप्ताह छठे आरोपी को नाबालिक घोषित कर दिया था। इस आरोपी के मामले की सुनवाई अब बाल न्याय बोर्ड करेगा।
बाकी पांच आरोपियों में बस चालक राम सिंह, उसका भाई मुकेश, पवन गुप्ता, विनय शर्मा और अक्षय ठाकुर शामिल हैं। ये सभी आरोपी दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं। फास्ट ट्रैक कोर्ट में मामले की सुनवाई 21 जनवरी को शुरू हुई थी। फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन इसी मामले की सुनवाई के लिए किया गया था।
आरोपियों को गैंगरेप की घटना के 18 दिनों बाद साकेत अदालत द्वारा औपचारिक रूप से आरोपित किया गया था। पुलिस ने पांचों आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की 13 धाराओं के तहत आरोपित किया है।
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने मामले के अभियुक्त राकेश की तरफ से दायर उस याचिका को खारिज कर दिया था जिसमें उसने मामले की सुनवाई दूसरे राज्य में कराने की मांग की थी।