दिल्ली में चलती बस में 23 वर्षीय पैरामेडिकल छात्रा के साथ हुए गैंगरेप और इसके विरोध में देशव्यापी प्रदर्शनों ने अमेरिकी मीडिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है। हालांकि अमेरिकी मीडिया इस घटना के लिए खराब कानून व्यवस्था और लचर आपराधिक न्याय प्रक्रिया को दोषी ठहरा रही है।
वर्तमान में अमेरिकी मीडिया में वित्तीय संकट, एक स्कूल में हुई गोलीबारी में 20 बच्चों की मौत के बाद गन कंट्रोल कानून की प्रासंगिकता के मुद्दे छाए हुए हैं लेकिन इन सबके बावजूद समाचार पत्र और न्यूज चैनल गैंगरेप के खिलाफ लोगों के भड़के गुस्से को व्यापक कवरेज दे रहे हैं।
रायसीना हिल्स पर शनिवार को हुए प्रदर्शन के संबंध में नेशनल पब्लिक रेडियो ने अपनी खबर में कहा है कि ऐसा पहले कभी नहीं हुआ, यह अभूतपूर्व है। प्रदर्शनकारी पीड़ित लड़की के लिए न्याय चाहते हैं और वे चाहते हैं कि इस देश में सभी महिलाएं सड़कों, कार्य स्थलों, सबवे और सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में खुद को सुरक्षित महसूस करें।
न्यूयॉर्क टाइम्स ने ‘रेप मामले पर प्रदर्शन के दौरान भारत में झड़प’ को अपनी हेडलाइन बनाई है। समाचार पत्र ने लिखा है कि हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी दिल्ली के वीआईपी इलाके में न्याय की मांग और बेहतर पुलिसिंग की मांग को लेकर उमड़ पड़े।
अखबार ने आगे लिखा है कि इस समस्या की जड़ कट्टरपंथी समाज में है, जिसे हमेशा घर में बंद रहने वाली शिक्षा और आर्थिक क्षेत्र में महिलाओं के बढ़ते वर्चस्व से दिक्कत है। जनसांख्यिकी की भी इसमें एक अहम भूमिका है। भारत की आधी जनसंख्या 25 साल से कम उम्र की है और कन्या भ्रूण हत्या तथा लड़कियों को नजरअंदाज करने से लैंगिक असमानता आ रही है।
अखबार का कहना है कि भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली अपूर्ण, भ्रष्ट और राजनीतिक दखल से लबरेज है जोकि प्रभावशाली ढंग से प्रतिक्रिया देने में असमर्थ जान पड़ती है। सीएनएन ने अपनी खबर में कहा है कि पुलिस का कहना है कि नई दिल्ली में चलती बस में एक युवती के साथ रेप हुआ और उसे मरणासन्न स्थिति तक पीटा गया। वह अस्पताल के आईसीयू में जिंदगी के लिए संघर्ष कर रही है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि आधिकारिक आंकड़े दिखाते हैं कि पिछले 40 सालों में रेप के मामलों में तकरीबन 875 फीसदी का इजाफा हुआ है। 1971 में जहां यह संख्या 2487 थी, वहीं 2011 में यह संख्या बढ़कर 24206 हो गई। एक अन्य न्यूज रिपोर्ट में कहा गया कि नई दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।
लॉस एंजिलिस टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि हजारों प्रदर्शनकारियों ने शनिवार को नई दिल्ली में भारतीय राष्ट्रपति के आवास के बाहर प्रदर्शन किया। गैंगरेप पीड़ित युवती को न्याय दिलाने के लिए प्रदर्शन कर लोगों ने बैरिकैड तोड़ डाले और पुलिस के साथ संघर्ष किया। पुलिस ने लोगों को हटाने के लिए लाठीचार्ज, आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।