लोकसभा और चार राज्यों के विधानसभा चुनावों में भाजपा को कांग्रेस के सालों के राज के खिलाफ सत्ता विरोधी लहरों के चलते जीत मिली। मगर दिल्ली में मोदी सरकार के आठ महीने के राज के बाद ही राजधानी की जनता भाजपा को नकारती दिख रही है।
एग्जिट पोल के नतीजों में जनता का मोदी सरकार को लेकर मोह कम होता दिख रहा है। दिल्ली में भले अभी तक राष्ट्रपति शासन लागू है, मगर दिल्ली की कमान परोक्ष रूप से मोदी सरकार के हाथों में ही है। केंद्र सरकार का हर फैसला सीधे तौर पर दिल्ली की जनता को प्रभावित करता है।
इसलिए मोदी सरकार पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं कि क्या आठ महीने के भीतर ही केंद्र सरकार के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर शुरू हो गई है। यूपीए सरकार के दस साल तक सत्ता में काबिज रहने के बाद भाजपा को मई, 2014 में स्पष्ट बहुमत मिला था। लोगों में दस साल के कांग्रेस के राज के खिलाफ बेहद ज्यादा गुस्सा था।