राजधानी दिल्ली के विधानसभा चुनाव में हार के अंदेशे से भाजपा आलाकमान के कामकाज में भी बदलाव नजर आने लगा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के नेतृत्व में आक्रामक हुई भाजपा के निर्णयों पर अब सामूहिक छाप नजर आएगी।
दोबारा से सामूहिकता की नीति पर चलने के संकेत बिहार के राजनीतिक मामले पर दिखे। चंद नेताओं की बजाए प्रधानमंत्री ने पार्टी के सभी प्रमुख नेताओं को बुलाकर बिहार को लेकर रणनीति पर मंत्रणा की। पीएम आवास पर हुई बैठक में अभी इंतजार करने की रणनीति बनी।
पार्टी अभी जदयू की आपसी लड़ाई पर पैनी नजर रखते हुए सियासी तमाशा देखेगी। भाजपा बिहार के राजनीतिक हालत पर जल्दबाजी करने के मूड में नहीं है। माना जा रहा है कि दिल्ली चुनाव नतीजों के बाद ही भाजपा बिहार के मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी को लेकर अपने पत्ते खोलेगी।