राजनीति के मैदान में अब तक अजेय रहे पीएम नरेंद्र मोदी को भाजपा दिल्ली विधानसभा चुनाव में भी किसी भी सूरत में अजेय ही बनाए रखना चाहती है। दरअसल पार्टी को अंदाजा है कि मोदी की कभी न हारने वाले नेता की राजनीतिक धारणा टूटते ही उसके ‘मिशन 2017’ के एजेंडे की गाड़ी पटरी से उतर जाएगी।
यही कारण है कि पार्टी ने अपनी सारी ताकत दांव पर लगा दी है। पार्टी अध्यक्ष अमित शाह रणनीतिक बैठकों में नेताओं-कार्यकर्ताओं को इस चुनाव का राजनीतिक महत्व समझाते हुए पूरी ऊर्जा लगाने का निर्देश दे रहे हैं।
भाजपा की योजना चुनाव दर चुनाव जीत कर संसद के उच्च सदन में बहुमत हासिल करने की है। इस कड़ी में उसकी निगाहें बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल जैसे उन बड़े राज्यों पर है जहां अगले दो साल में विधानसभा चुनाव होने हैं।