मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी एक बार फिर से डिग्री विवाद में उलझ गई हैं। इस बार विवाद उनकी येल यूनिवर्सिटी की डिग्री पर उठा है। स्मृति ने दावा किया है कि उनके पास इस यूनिवर्सिटी की डिग्री है।
इसके बाद जहां कांग्रेस ने उनकी ईमानदारी और निष्ठा पर सवाल उठाए हैं, वहीं एमआईएम के सांसद असादुद्दीन ओवैसी ने खुद भी इसी यूनिवर्सिटी से कोर्स करने का दावा करते हुए कहा है, "येल यूनिवर्सिटी का कोर्स डिग्री नहीं महज एक सर्टिफिकेट है। वह महज सात दिनों का कार्यक्रम था और उसमें भाग लेने वालों को सर्टिफिकेट दिया गया था। सात दिन का कोर्स डिग्री नहीं होता।"
कांग्रेस ने स्मृति से यह भी पूछा है कि उन्होंने येल यूनिवर्सिटी का खुलासा चुनाव लड़ने के दौरान दायर हलफनामे में क्यों नहीं किया।
कांग्रेस का स्मृति से सवाल
उल्लेखनीय है कि स्मृति की डिग्री पर विवाद उस समय भी खड़ा हो गया था जब वर्ष 2014 के चुनाव में दिए गए हलफनामे में उन्हें 12वीं पास तो वर्ष 2004 के हलफनामे में बीए पास बताया गया था।
अब एक समाचार चैनल में खुद के पास येल यूनिवर्सिटी की डिग्री होने का दावा करने के साथ ही उन पर हमला शुरू हो गया है।
कांग्रेस ने स्मृति की ईमानदारी पर सवालिया निशान लगाते हुए कहा है कि अगर यह सच है तो उन्होंने वर्ष 2014 के आम चुनाव के दौरान दिए गए हलफनामे में इसका जिक्र क्यों नहीं किया।
आरोपों पर स्मृति ईरानी का जवाब
पार्टी प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने ट्विटर के जरिए उन पर सीधा हमला बोलते हुए ट्वीट किया, "स्मृति अपने हलफनामे में येल यूनिवर्सिटी की डिग्री का जिक्र करना भूल गईं। मगर उनके हर हलफनामे में अलग-अलग डिग्री का जिक्र है। यह मंत्री पद के लिए शैक्षिक योग्यता की जरूरत के बारे में नहीं है। यह सच्चाई और ईमानदारी की बात है।"
वहीं, स्मृति ईरानी ने आरोपों का जवाब देते हुए कहा, ‘आप मेरे खिलाफ कोर्ट में अपील कीजिए। मैं अदालत में सभी आरोपों का जवाब दूंगी।’
क्या है विवाद?
दरअसल अब तक दो चुनाव लड़ चुकी स्मृति ने इस दौरान दिए गए हलफनामे में शिक्षा के बारे में अलग-अलग दावे किए।
वर्ष 2004 में जब वह चांदनी चौक से चुनाव लड़ी तो इस दौरान खुद की शैक्षणिक योग्यता बीए बताई थी। मगर वर्ष 2014 में राहुल गांधी के खिलाफ अमेठी में चुनाव लड़ने के दौरान खुद की शैक्षणिक योग्यता बीकॉम प्रथम वर्ष बताई थी।
अब स्मृति ने येल यूनिवर्सिटी की डिग्री होने का दावा किया है।