देश में हथियार और रक्षा संबंधी साजो सामान की खरीद संबंधी नीति में सरकार जल्द बदलाव करेगी। नई नीति के तहत देश के सार्वजनिक एवं निजी उद्यमों की भागीदारी को बढ़ाया जाएगा।
रक्षा मंत्री एके एंटनी ने लोकसभा में सोमवार को यह जानकारी दी। अगस्ता हेलीकॉप्टर सौदे में घूसखोरी के खुलासे के बाद एंटनी ने सौदों में दलाली रोकने के मकसद से खरीद नीति में बदलाव के साथ और कई कदम उठाने की बात कही।
एंटनी ने कहा कि भ्रष्टाचार से निजात पाने के लिए रक्षा निर्माण में देसी निजी कंपनियों को शामिल करने की योजना है। सरकार सेना के लिए आवश्यक हथियारों और उपकरणों के देश में ही निर्माण पर अधिक से अधिक ध्यान देगी।
लोकसभा में सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने इस सौदेबाजी में घूसखोरी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि रक्षा नीति में बदलाव के बाद कई कंपनियों को ब्लैक लिस्ट में डाला गया था फिर भी इस मामले में रिश्वत का मामला सामने आया है।
ओवैसी ने सवाल उठाया कि वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाले के सामने आने और सीबीआई से उसकी जांच कराने का अन्य रक्षा सौदों पर असर पड़ेगा। इस सवाल पर एंटनी ने पक्के तौर पर कुछ भी नहीं कहा।
रक्षा मंत्री ने माना कि दूसरे सौदों पर असर पड़ने की बात करना जल्दबाजी होगी। रक्षा मंत्री को कुछ और सवालों का जवाब देना पड़ता, लेकिन उससे पहले ही महंगाई पर प्रशभनकाल हंगामे की वजह से ठप्प हो गया।