कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का परिवाद कानपुर में सीएमएम एनके पांडेय की कोर्ट में दर्ज किया गया है। एक महिला अधिवक्ता ने उनके खिलाफ परिवाद दर्ज कराने के लिए अर्जी दी थी। इस मामले पर 29 जनवरी को सुनवाई होगी।
कानपुर निवासी अधिवक्ता अर्शी सिद्दीकी ने अपनी अर्जी में कहा है कि वह न तो किसी राजनैतिक दल की सदस्य हैं और न ही नेता। वह पेशे से अधिवक्ता हैं और कानपुर कोर्ट में वकालत करती हैं। 20 जनवरी को न्यूज चैनलों पर राहुल गांधी ने यह बयान दिया था कि कचहरी में दो प्रकार के लोग होते हैं। एक लायर और दूसरे जज। मैं जज की तरह काम करूंगा। इस बयान से अर्शी सिद्दीकी की छवि धूमिल हुई है।
अर्शी ने कहा है कि लोगों को न्याय दिलाने में अधिवक्ताओं की अहम भूमिका रहती है। जज केवल निर्णय करते हैं। जज के फैसले पर अपील होती है लेकिन अधिवक्ता की बहस पर कोई अपील नहीं होती है। राहुल का अधिवक्ता के खिलाफ बयान देना मानहानि की परिधि में आता है, इसलिए उन्हें तलब कर दंड दिया जाए।
अर्शी सिद्दीकी के अधिवक्ता अहमद अली खान ने बताया कि अदालत ने परिवाद दर्ज कर लिया है। 29 जनवरी को वादी के बयान दर्ज होंगे।