अदालत ने अरबपति कारोबारी और बसपा नेता दीपक भारद्वाज की हत्या के आरोप में गिरफ्तार छोटे बेटे नितेश भारद्वाज और वकील बलजीत सिंह सहरावत को छह दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया।
अदालत ने कहा दोनों पर गंभीर आरोप हैं और मामले में फरार अभियुक्त स्वामी प्रतिभानंद को भी गिरफ्तार करना है ऐसे में अभियुक्तों से पूछताछ जरूरी है।
पटियाला हाउस स्थित मैट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट प्रशांत शर्मा ने रिमांड पर आपत्ति करने संबंधी बचाव पक्ष के तर्कों को खारिज कर कहा दोनों अभियुक्तों ने अपने इकबालिया बयान में स्वामी प्रतिभानंद को गिरफ्तार कराने के अलावा नितेश द्वारा तोड़े गए मोबाइल व सिम को बरामद कराने का आश्वासन दिया है।
उन्होंने कहा कि मामले की जांच आरंभिक स्थिति में है इसलिए दोनों को रिमांड पर देना जरूरी है।
अदालत ने दोनों का छह दिन का रिमांड स्वीकार कर पुलिस को हर 24 घंटे में उनकी चिकित्सा जांच कराने का निर्देश दिया है।
वकील के घर रुकता था प्रतिभानंद
इससे पहले पुलिस ने दोनों अभियुक्तों को अदालत के समक्ष पेश करते हुए कहा कि नितेश ने माना है कि जिस फोन से वह अन्य अभियुक्तों से बातचीत करता था उसे तोड़ दिया है।
उन्होंने कहा उसकी निशानदेही पर मोबाइल व सिम कार्ड बरामद करना है। इसके अलावा बलजीत ने माना कि उसने जिस स्वामी प्रतिभानंद को हत्या की सुपारी दी थी वह दिल्ली में उसी के घर पर रुकता था।
वकील सहरावत ने बताया है कि महंत के हरिद्वार के अलावा देहरादून, सोलन, मथुरा और वृंदावन में कई ठिकाने हैं और वह उसे गिरफ्तार करा सकता है।
सरकारी वकील ने कहा कि इसके अलावा यह भी पता करना है कि हत्या के लिए दी राशि का लेनदेन कैसे हुआ व राशि कहां से आई थी।
उन्होंने कहा अभियुक्तों से पूछताछ करनी है कि आखिर हत्या का मकसद क्या था और ऐसी क्या बात है कि नितेश को अपने ही पिता की हत्या करानी पड़ गई।
उन्होंने कहा यह काफी गंभीर मामला है और पूरे षडयंत्र का पर्दाफाश करने के लिए अभियुक्तों से गहराई से पूछताछ जरूरी है अत: दोनों का छह दिन का रिमांड प्रदान किया जाए।
इस मामले में पुलिस पहले ही हत्या करने वाले अभियुक्त पुरूषोतम राणा, सुनील मान व अमित को गिरफ्तार कर चुकी है और वे पुलिस रिमांड पर है।
बचाव पक्ष के तर्क
नितेश के अधिवक्ता रमेश गुप्ता और बलजीत सहरावत के अधिवक्ता प्रदीप आर्य ने रिमांड का विरोध करते हुए कहा कि पुलिस ने उनके मुवक्किल को रविवार को ही हिरासत में ले रखा है और मंगलवार को गिरफ्तारी दिखाई है। उन्होंने कहा पुलिस ने गिरफ्तारी में तय कानून का उल्लंघन किया है।
अधिवक्ता ने कहा उनके मुवक्किलों के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं है न ही उन्होंने पुलिस के समक्ष कोई बयान दिया है।
इसके अलावा जहां तक हत्या के मकसद की बात है क्षेत्रीय पुलिस उपायुक्त ने संवाददाता सम्मेलन में पूरे तथ्यों का खुलासा कर दिया है ऐसे में पूछताछ की क्या जरूरत है।
वहीं हत्या के बाद से ही उनका मुवक्किल पुलिस को जांच में सहयोग कर रहा है। ऐसे में रिमांड का कोई औचित्य नहीं है।