मणिपुर के एक प्रतिबंधित गुट ने बाहरी और अवैध प्रवासियों को 31 दिसंबर तक राज्य छोड़कर चले जाने का फरमान जारी किया है। गुट ने अपने फरमान में कहा है कि जो लोग राज्य में 1951 के बाद आए हैं, वे लोग यहां से चले जाए।
कांगलेइपाक कम्युनिस्ट पार्टी (केसीपी) ने कहा है कि वह एक जनवरी से बाहरी और अवैध प्रवासियों के खिलाफ मुहिम शुरू करेगी। केसीपी का यह फरमान सात प्रमुख उग्रवादी गुटों की समन्वय कमेटी (सीओआरसीओएम) की इसी तरह की धमकी के चलते आया है। केसीपी और सीओआरसीओएम ने कहा है कि केंद्र सरकार के कर्मचारी, छात्र और शैक्षणिक कार्यों से यहां आए हैं, को इससे बाहर रखा गया है।
केसीपी ने अपने बयान में कहा है कि यदि कोई हमारे कार्यों का विरोध करते, अपनी जमीन को बाहरियों को बेचते या किराए पर देते पाया गया तो उसे सजा दी जाएगी। आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि वे उग्रवादी संगठनों द्वारा जारी फरमान से अवगत हैं और प्रशासन अवैध प्रवासियों का पता लगाने के लिए कदम उठा रहा है।