गुजरात दंगों में नरेंद्र मोदी की भूमिका पर फैसला 26 दिसंबर तक टल गया है।
अहमदाबाद की मेट्रोपॉलिटन कोर्ट गुलबर्ग सोसायटी नरसंहार मामले में नरेंद्र मोदी और अन्य को एसआईटी द्वारा क्लीनचिट दिए जाने को चुनौती देने वाली याचिका पर फैसला 26 दिसंबर को सुनाएगी।
दंगों के दौरान मारे गए कांग्रेस के पूर्व सांसद एहसान जाफरी की पत्नी जाकिया जाफरी ने एसआईटी की क्लोजर रिपोर्ट को चुनौती दी है।
मामले में दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद कोर्ट ने 28 अक्तूबर को इस मसले पर फैसला सुनाना 2 दिसंबर तक के लिए टाल दिया था।
जाकिया जाफरी के वकील ने 18 सितंबर को, जबकि एसआईटी ने 30 सितंबर को लिखित में अपने जवाब दाखिल किए थे।
उस वक्त मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट ने 28 अक्तूबर को फैसला सुनाने को कहा था लेकिन बाद में इस पर निर्णय को 2 दिसंबर तक के लिए सुरक्षित रख लिया था।
2002 में हुए दंगों के दौरान गुलबर्ग सोसायटी में पूर्व कांग्रेस सांसद एहसान जाफरी समेत 69 लोग मारे गए थे। इस मामले की जांच के बाद एसआईटी ने मोदी और अन्य को किसी भी साजिश से बरी कर दिया।
जाकिया ने एसआईटी की इसी क्लोजर रिपोर्ट को चुनौती दी है।