राष्ट्रीय खुफिया एजेंसी (एनआईए) ने भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) नेता को आरएसएस के पूर्व प्रचारक सुनील जोशी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है। जोशी की हत्या को लेकर यह पहली गिरफ्तारी है।
एनआईए ने शनिवार देर रात इंदौर की महू तहसील से जितेंद्र शर्मा को गिरफ्तार किया। जितेंद्र शर्मा भारतीय जनता युवा मोर्च की ग्रामीण इंदौर शाखा के नेता हैं।
गौरतलब है कि सुनील जोशी पर समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट, मक्का मस्जिद विस्फोट और मालेगांव में अल्पसंख्यकों पर हुए हमले का आरोप है। सुनील जोशी की दिसंबर 2007 में मध्य प्रदेश के देवास में हत्या कर दी गई थी।
लोकेश शर्मा और राजेंद्र चौधरी पर सुनील जोशी की हत्या का आरोप है। ये दोनों आरएसएस से जुड़े रहे हैं।
दोनों आरोपी जोशी के साथ मिलकर शराब की एक दुकान चलाते थे। माना जाता है कि किसी विवाद में 2008 के मालेगांव विस्फोट की आरोपी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के साथ बदतमीजी करने के कारण उन्होंने सुनील जोशी की हत्या कर दी थी।
जितेंद्र पर कई हिंदु आतंकवादियों को संरक्षण देने का आरोप भी है। साथ ही जोशी की हत्या में जो हथियार इस्तेमाल किया गया था, उसे भी जितेंद्र ने ही दिया और उसे दिलीप जगताप के घर में छुपाया भी था।
उसकी गिरफ्तारी के बाद लोकेश ने एनआईए की टीम को को जगताप के घर ले गई, जहां ईंटों के बीच हत्या में इस्तेमाल पिस्तौल मिली।
इस घटना के साथ मजेदार वाकया यह है कि जितेंद्र इससे पहले तक लोकेश के लिए उसकी ओर से कोर्ट में वकील बना था।
नाम नहीं बताने की शर्त पर एजेंसी के अधिकारी ने कहा कि जितेंद्र इस मामले में सबसे मुख्य आरोपी है, जिसने हत्या में शामिल हथियार, उसके बाद आरोपियों को संरक्षण और फिर कानूनी मदद दी है।
इससे पहले भी जितेंद्र से पूछताछ की जा चुकी है लेकिन सबूत की कमी के कारण उसे गिरफ्तार नहीं किया गया था।
सूत्रों ने बताया कि इस मामले में कई लोग जितेंद्र के खिलाफ बयान दे चुके हैं यहां तक की कई लोग इस मामले सरकारी गवाह बनने तक को राजी हो चुके हैं।