कर्नाटक में बागी भाजपा विधायकों के भाग्य का फैसला बुधवार को होगा। मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टार ने बताया कि भाजपा आलाकमान बागी विधायकों के खिलाफ कार्रवाई शुरु करने के बारे में बुधवार को फैसला लेगा।
गौरतलब है कि बीएस येदियुरप्पा ने रविवार को हावेरी में एक रैली कर कर्नाटक जनता पार्टी (केजेपी) का गठन किया। भाजपा की चेतावनी के बाद भी 13 विधायक इस रैली में मौजूद रहे।
इससे उत्साहित येदियुरप्पा ने कर्नाटक की भाजपा सरकार को अल्पमत में बताते हुए विधानसभा भंग कर नए चुनाव की मांग कर दी।
आज विपक्ष ने भी मुख्यमंत्री शेट्टार के इस्तीफे और विधानसभा भंग कर नया चुनाव कराने की बात कही। हालंकि शेट्टार ने इन मांगों का खारिज करते हुए कहा कि कर्नाटक विधानसभा भंग नहीं की जाएगी।
कल केजेपी की रैली में शामिल होने वाले भाजपा विधायकों में एच हलप्पा, नेहरू ओलेकर, बीपी हरीश, सीसी पाटिल और सुनील वालयापुरे शामिल थे।
इन विधायकों के येदि के साथ जाने को राज्य की भाजपा सरकार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। इतना ही नहीं रैली से पहले भाजपा के विधान परिषद सदस्य शिवराज सज्जन द्वारा आयोजित जलपान पर पार्टी के कम से कम 21 विधानसभा विधायक, 7 विधान परिषद विधायक और चार लोकसभा सांसद शामिल हुए।
जलपान में भाजपा विधायक बसावाराज बोम्मई, सीएम उदासी, मुरुगेश निरानी और शोभा करानदलाजे समेत सात मंत्री भी शामिल थे, लेकिन वे रैली में शामिल नहीं हुए।
गौरतलब है कि 224 सदस्यीय कर्नाटक विधानसभा में भाजपा के 118, कांग्रेस के 71, जद-एस के 26 और 7 निर्दलीय विधायक हैं। दो सीटें खाली हैं।