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संभ्रांत परिवार से ताल्लुकात रखता है डेविड हेडली

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मुंबई हमलों का गुनाहगार  डेविड कोलमैन हेडली उर्फ दाऊद सैयद गिलानी की आतंकी बनने की कहानी भी कम दिलचस्प नहीं है। हेडली संभ्रात परिवार से ताल्लुक रखता है और उसके आतंकी बनने की कहानी हैरान कर देने वाली है। अमेरिकी मूल की मां और पाकिस्तानी पिता की संतान हेडली का जन्म 1960 को हुआ था।
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उसके पिता सैयद सलीम गिलानी पाकिस्तान के जाने-माने राजनयिक थे। वह एक ब्रॉडकास्टर भी थे। उसकी मां एलिस सेर्रिल हेडली मूल रूप से पेंसिलिवेनिया की रहने वाली थी और वाशिंगटन स्थित पाकिस्तानी दूतावास में सेक्रेटरी के तौर पर काम करती थी। संभ्रांत घराने से ताल्लुकात रखने वाले हेडली के जन्म के बाद उसका परिवार अमेरिका छोड़कर पाकिस्तान के लाहौर में बस गया।

लेकिन उसकी मां को पाकिस्तानी संस्कृति अपनाने में दिक्कत हुई और परिवार वापस लौट गया। पाकिस्तानी नियमों के मुताबिक  पत्नी को अपने बेटे और पति दोनों को छोड़कर अकेले अमेरिका जाना पड़ा। सैयद सलीम गिलानी से तलाक होने के बाद उसने चार शादियां की और ज्यादातर समय दक्षिण-पूर्व एशिया और अफगानिस्तान में बिताया।
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अपनी मां के साथ रहता था हेडली

वर्ष 1977 में सौतेली मां से झगड़ों के बाद वह अपनी मां के पास अमेरिका चला गया। वहां उसे आर्मी स्कूल में दाखिल कराया गया लेकिन उसने बीच में ही पढ़ाई छोड़ दी। हेडली अपनी मां के साथ रहता था और फिलाडेल्फिया में एक वीडियो स्टोर चलाता था।  पाकिस्तान आते-जाते उसके संबंध ड्रग तस्करों से बने और साल 1988 में उसे पाकिस्तान से हेरोइन तस्करी का दोषी पाया गया।

हेडली पाकिस्तानी आर्मी के डॉक्टर तहव्वुर हुसैन राणा के जरिए ड्रग्स की तस्करी करता था। जेल से छूटने के बाद हेडली अमेरिका के लिए जासूसी करने पाकिस्तान गया। साल 2006 में उसने अपना नाम दाऊद सैयद गिलानी से बदलकर डेविड हेडली कर लिया। नाम बदलने के बाद हेडली पाकिस्तान के रास्ते सात बार भारत आया और उसने आतंकी हमलों के लिए मुंबई और दिल्ली जैसे शहरों में रेकी की।
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