अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के भारत दौरे को लेकर दोनों देशों की राजधानियों में गूंज रहे इस सवाल से पर्दा उठने लगा है कि आखिर भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओबामा को बुलाने की योजना किस तरह मूर्त रूप ले सकी। लेकिन छनकर आ रही बातों पर विश्वास करें तो ओबामा की यात्रा के पीछे कहीं न कहीं उनकी दोनों बेटियों की भूमिका है।
दरअसल, इसकी शुरुआत बीते सितंबर में उस समय हुई थी, जब मोदी अमेरिका में पहली बार ओबामा से मिले थे। इस संक्षिप्त मुलाकात में मोदी ने अभिवादन के बाद ओबामा से पूछा था कि मिसेज ओबामा और बच्चे इस समय क्या कर रहे हैं।
उस दौरान ओबामा ने यूं ही कह दिया कि वे सब ठीक हैं और उनकी बेटियां मालिया और साशा इस समय भारत के बारे में पढ़ रहीं हैं और वे इस बात से निराश हैं कि वे निकट भविष्य में भारत नहीं जा सकेंगी।
इसके छह सप्ताह बाद जब दोनों नेता म्यांमार में मिले तो मोदी ने ओबामा से फिर पूछा कि क्या उनकी बेटियां अब भी भारत के बारे में चर्चा कर रही हैं, तो इस पर ओबामा ने हां में उत्तर दिया। इसके बाद मोदी जब वापस भारत लौट कर आए तो उन्होंने ओबामा से ट्विटर पर पूछा कि क्या वह 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर भारत आना पसंद करेंगे।