बचपन से जिसे माता पिता ने नाजों से पाला, पढ़ाया लिखाया, एक अच्छे साधन संपन्न परिवार में शादी करके भेजा, उसी बेटी ने ना सिर्फ उनके, बल्कि ससुराल वालों के भी भरोसे का कत्ल कर दिया।
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आंवला निवासी बर्तन कारोबारी प्रदीप अग्रवाल ने अपनी बेटी साक्षी अग्रवाल को बड़े नाजों से पाला। हर सुख सुविधा व आजादी दी। उसे पढ़ाया लिखाया, एयर होस्टेस का कोर्स भी करा रहे थे, प्रथम सेमेस्टर उत्तीर्ण भी कर लिया लेकिन उसने आठवीं पास समर खान के प्रेमजाल में फंसकर माता पिता के दुलार को भूलने में देर नहीं लगाई।
माता-पिता ने 17 अप्रैल 2015 को लाखों रुपये खर्च करके बड़ी धूमधाम से शादी की। गवां के दीपक अग्रवाल ने भी अपने पुत्र राहुल अग्रवाल की शादी में कोई कोर कसर बाकी नहीं रखी। अपनी पुत्रवधू का शानदार स्वागत किया। घर में उसे सभी ने प्यार और दुलार दिया लेकिन यह अपनापन समर खान के साथ जिंदगी बसर करने की योजना को विफल नहीं कर सका। साक्षी ने जो किया, उससे माता पिता के दुलार को बड़ा झटका लगा।
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यूपी के संभल में रजपुरा थाना क्षेत्र के गवां कस्बे में पेट्रोल पंप स्वामी के घर पर हुई पच्चीस लाख की डकैती का सनसनीखेज खुलासा पुलिस ने मंगलवार को कर दिया। परिवार की नवविवाहिता पुत्रवधू साक्षी ने अपने आपराधिक छवि वाले आंवला (बरेली) के प्रेमी के साथ मिलकर लूट को अंजाम दिलाया था। पुलिस ने पुत्रवधू व उसके प्रेमी समेत तीन को गिरफ्तार कर लूटी गई नगदी, लैपटॉप, मोबाइल फोन समेत एक होंडा सिटी कार को बरामद किया है।
कुछ इस तरह रची गई साजिश की दास्तां
रजपुरा थाने के गवां कस्बे में 23 मई को दिनदहाड़े पेट्रोल पंप स्वामी/खाद व्यापारी दीपक अग्रवाल पुत्र योगेंद्र अग्रवाल के घर में घुसकर चार लुटेरों ने भतीजी प्रियंका व पुत्रवधू साक्षी को बंधक बनाकर सोने चांदी के जेवर, नगदी, लैपटॉप, मोबाइल फोन आदि करीब पच्चीस लाख रुपये की संपत्ति लूट ली थी। पुलिस अधीक्षक अतुल सक्सेना ने वारदात के खुलासे के लिए थानाध्यक्ष रजपुरा, हयातनगर व धनारी के साथ क्राइम ब्रांच की दो टीमें लगाईं।
परिजनों के सभी सदस्यों के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल निकाली। सर्विलांस से जानकारी हुई कि आंवला (बरेली) से एक मोबाइल नंबर से वारदात को अंजाम देने के समय तक लगातार बातचीत हुई, जितनी देर लुटेरे घर में थे, तब तक तो कोई बातचीत नहीं हुई लेकिन इसके बाद बराबर बात हुई। बस यहीं से पुलिस का माथा ठनका। पड़ताल की तो पता चला कि गृह स्वामी की पुत्रवधू साक्षी आंवला की है। क्राइम ब्रांच ने आंवला जाकर जानकारी की तो पता चला कि साक्षी का वहां समर पुत्र मोईन खान निवासी मोहल्ला किला, आंवला नाम का एक प्रेमी है, जिससे वह शादी करना चाहती थी।
पुलिस अधीक्षक अतुल सक्सेना ने बताया कि रजपुरा क्षेत्र में ही अनूपशहर रोड भौपत चौराहे से एक होंडा सिटी कार को पकड़ा गया। जिसमें से समर पुत्र मोईन खान और हरियाणा के सोनीपत जिले के गुहाना थाना क्षेत्र निवासी विकास नारंग उर्फ विक्की पुत्र विशंभर लाल नारंग को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से एक-एक तमंचा, कारतूस बरामद हुए।
पूछताछ के बाद गृह स्वामी दीपक अग्रवाल के पुत्र राहुल अग्रवाल की पत्नी साक्षी को भी गिरफ्तार कर लिया गया। उनकी निशानदेही पर लूटा गया लैपटाप, 38 चांदी के सिक्के, 80 हजार रुपये बरामद किए गए। समर ने पूछताछ में साक्षी के साथ संबंधों को स्वीकारते हुए बताया कि वह दोनों शादी करना चाहते थे, लेकिन रुपया नहीं था इसलिए परिजनों के कहने पर साक्षी ने शादी कर ली। इसके बाद ससुराल में बड़ी लूट को अंजाम देकर मुंबई भागने की योजना बनाई थी।
साक्षी की मदद से ही 17 मई को घर की रेकी की गई थी। समर ने ही लूट को अंजाम देने के लिए अपनी अपराधी दोस्त सोनू से संपर्क साधा, उसने हरियाणा के विकास नारंग उर्फ विक्की से संपर्क कर उसे बुलाया था। सोनू व एक अन्य साथी अभी फरार है। इस गैंग ने दिल्ली में भी एक बड़ी डकैती को अंजाम दिया था।
हर गतिविधि की जानकारी दे रही थी साक्षी
गवां के दीपक अग्रवाल के घर पच्चीस लाख की लूट की योजना दो महीने पहले उस समय बनी थी, जब साक्षी पहली बार ससुराल से वापस लौट कर आंवला गई थी। तभी से समर ने अपने साथियों से संपर्क करके 17 मई को साक्षी की मदद से रेकी की। 23 मई को वारदात को अंजाम दे दिया। साक्षी लगातार समर को घर की जानकारी देती रही। लूटपाट के दौरान चाभियां भी लाकर साक्षी ने दी ही थी। लूट के बाद घर में पुलिस की हर गतिविधि की जानकारी भी वह लुटेरों को दे रही थी।
वारदात के दिन गवां में संदिग्ध अवस्था में खड़ी होंडा सिटी कार का नंबर नोट कर लिया था लेकिन जब उसे ट्रेस किया गया कि तो पता चला कि वह नंबर रेलवे रोड कुरुक्षेत्र निवासी रवि के नाम पंजीकृत था लेकिन उनकी गाड़ी की 16 जनवरी को आरसी चोरी कर ली गई थी। लुटेरों ने उसी आरसी का नाम इस होंडा सिटी कार पर डाल कर चलाना शुरू कर दिया था।
कैसे हुआ शक :- दीपक अग्रवाल का घर इतना अंदर व सुरक्षित स्थान पर है कि आसानी से अपराधी वारदात को अंजाम देने की हिम्मत नहीं कर सकता। :- वारदात को अंजाम देकर जाते समय लुटेरे घर को बाहर से भी बंद करके नहीं गए। :- लुटेरों के कुछ दूर निकल जाने के बाद साक्षी ने वारदात होने का शोर शराबा किया। :- लुटेरों ने प्रियंका के हाथ पैर बांधकर तो दूसरे कक्ष में बंद कर दिया लेकिन साक्षी के सिर्फ हाथ बांधे, बंद नहीं किया। :- साक्षी से मोबाइल फोन पर लगातार उसके प्रेमी समर की बातचीत चलती रही।
बरेली जिले के आंवला शहर में करीब पांच साल पहले शुरू हुई साक्षी और समर खान की लव स्टोरी का अंजाम जेल में पूरा होगा। साक्षी एयर होस्टेस का कोर्स कर रही थी। साक्षी ने ससुराल को कंगाल बनाकर लूटे गए माल से सपनों की नगरी मुंबई जाकर अपने अरमानों को उड़ान देने के सपने देखे थे।
आंवला में करीब पांच साल पहले साक्षी की एक सहेली ने ही कक्षा आठ पास समर खान से मुलाकात कराई थी। समर खान ने सहेली को छोड़कर साक्षी पर डोरे डालने शुरू कर दिए। साक्षी भी उसके प्रेमजाल में फंसती चली गई। साक्षी खुले विचारों वाली फैशन पसंद युवती थी। इसकी जानकारी परिजनों को भी हो गई थी।
जब साक्षी ने समरखान से शादी करने की बात कही तो उसने आर्थिक स्थिति खराब होने की बात कही, लेकिन इसके बावजूद समर व साक्षी भागने को तैयार हो गए, इससे पहले परिजनों को जानकारी हो गई, जिससे साक्षी का घर से निकलना बंद हो गया।
फोन पर योजना बनी कि परिजनों के कहने पर शादी कर लो लेकिन वहां से नगदी, सोने चांदी के जेवर आदि साफ करके भाग कर मुंबई चलेंगे, वहां एक नई जिंदगी शुरू करेंगे। 17 अप्रैल 2015 को साक्षी शादी के बंधन में बंध कर पति राहुल अग्रवाल के घर गवां आ गई। योजना पर कार्य शुरू हो गया लेकिन अब शायद इस लव स्टोरी का अंत जेल के अंधेरों में ही होगा।