बच्चों को पढ़ाने ‘मास्टर साहब’ कब पाठशाला पहुंचे! किस दिन कितने बच्चे स्कूल आए! यह जानने के लिए अफसरों को औचक निरीक्षण करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वह कंट्रोल रूम में बैठकर एक जगह से सारी जानकारी हासिल कर सकेंगे। यह सौर ऊर्जा चालित बायोमैट्रिक उपस्थिति प्रणाली से संभव होगा। इससे छात्रों की उपस्थिति के मामले में किसी तरह की हेराफेरी नहीं चल पाएगी। मिड डे मील वितरण में गड़बड़ी की कोशिश भी कामयाब नहीं होगी।
लखनऊ में बायोमैट्रिक उपस्थिति प्रणाली का शुभारम्भ मंगलवार को प्रदेश के कृषि उत्पादन आयुक्त (एपीसी) आलोक रंजन ने सरोजनीनगर इलाके के माती उच्च प्राथमिक विद्यालय में किया। यह पायलट प्रोजेक्ट है, जिसे सर्व शिक्षा अभियान के तहत निजी सहयोग से तैयार किया गया है। इस प्रणाली की शुरुआत स्कूलों में शिक्षकों, छात्रों व अन्य कर्मचारियों की उपस्थिति और मिड डे मील की व्यवस्था सुधारने के लिए की गई है।
अध्यापकों-विद्यार्थियों की उपस्थिति होगी दर्ज
आलोक रंजन ने कहा कि बायोमैट्रिक प्रणाली से उपस्थिति दर्ज करने के लिए मशीन के निश्चित स्थान पर अगूंठा रखना होता है। इस तरह संबंधित व्यक्ति की उपस्थिति दर्ज हो जाती है। इससे स्कूलों में हर दिन पता चल जाएगा कि कितने बच्चे पढ़ने और कितने अध्यापक उन्हें पढ़ाने पहुंचे। छात्रों की उपस्थिति से यह भी आसानी से पता लगाया जा सकता है कि किस दिन कितने बच्चों को मिड डे मील दिया गया।
मिड डे मील के दुरुपयोग पर लगेगी रोक
उन्होंने बताया कि इस प्रणाली से फर्जी छात्रों की संख्या तथा मिड डे मील के दुरुपयोग को रोका जा सकेगा। इस प्रणाली से दर्ज की हुई उपस्थिति एवं अनुपस्थिति में किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की जा सकती है। इस प्रणाली में स्कूल, कार्यालय स्तर पर कम्प्यूटर तथा इंटरनेट कनेक्शन की आवश्यकता होती है, लेकिन बिजली की कोई जरूरत नहीं पड़ती। बायोमैट्रिक प्रणाली की सबसे बड़ी विशेषता इसका सौर ऊर्जा से चलना अतथा टैंपर प्रूफ होना है।
छेड़छाड़ पर मशीन कंट्रोल रूम को भेज देगी मैसेज
उन्होंने बताया कि इसके सोलर पैनल को कोई व्यक्ति काटता या उखाड़ने की कोशिश करता है तो मशीन खुद ही चेतावनी मैसेज कंट्रोल रूम तक भेज देती है। कार्यक्रम के दौरान सर्वशिक्षा परियोजना निदेशक अतुल कुमार, अपर निदेशक दिनेश बाबू शर्मा, अपर निदेशक मध्यान भोजन योजना संतोष राय, एडीएम (प्रशासन) देवेंद्र कुमार पाण्डेय, एसडीएम सदर अरुण कुमार, एडी बेसिक महेंद्र सिंह राणा, बीएसए सर्वदानंद सहित संबंधित विभागों के कई अधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे।
आंगनबाड़ी केंद्रों व पीएचसी में भी लगेगी मशीन
सौर ऊर्जा चालित बायोमैट्रिक्स उपस्थिति मशीन आंगनबाड़ी केंद्रों तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी स्थापित की जाएगी। यह जानकारी कृषि उत्पादन आयुक्त ने कार्यक्रम के दौरान दी। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों व स्वास्थ्य केंद्रों की बदहाली की चर्चा करते हुए कहा कि बायोमैट्रिक प्रणाली से उपस्थिति दर्ज होने के बाद बदहाल तस्वीर बदलेगी।