केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) ने करोड़ों रुपए के ‘कोलनेट’ घोटाले में शामिल होने के आरोपी आईआईटी के तीन प्रोफेसरों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की सिफारिश की है।
इनमें आईआईटी पटना के निदेशक भी शामिल हैं।
मालूम हो कि 2001 में कोल इंडिया लि. की आठ सहायक कंपनियों के डिजिटाइजेशन का काम आईआईटी खड़कपुर को सौंपा गया था जिसके 8.95 करोड़ के ठेके को देने में कई नियमों व शर्तों की अनदेखी की गई थी।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सीवीसी ने आईआईटी पटना के निदेशक प्रो. अनिल के. भौमिक व प्रो. आरएन बनर्जी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने व प्रो. पीपी चक्रवर्ती के खिलाफ साधारण दंडात्मक कार्रवाई करने को कहा है।
कड़ी कार्रवाई में इन शिक्षकों को सेवा से बर्खास्त किया जाना शामिल है। सामान्य कार्रवाई में सरकारी कर्मचारी के अधिकार प्रतिबंधित किए जाते हैं व वेतन वृद्धि रोक दी जाती है। बनर्जी व चक्रवर्ती आईआईटी खड़कपुर में क्रमश: विभागाध्यक्ष व डीन के पद पर हैं।