एनएसजी ने वीआईपी सुरक्षा में तैनात अपने करीब 900 कमांडो को विशेष आतंकवाद रोधी अभियानों की ट्रेनिंग में लगाया है। पिछले कई सालों में पहली बार ब्लैक कैट कमांडो की तीन वीआईपी सुरक्षा यूनिट 11 विशेष रेंजर्स ग्रुप (एसआरजी) में से एक को मौजूदा कार्य से हटाया गया है।
राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) की पांच यूनिट हैं। दो स्पेशल एक्शन ग्रुप (एसएजी) है, जिसमें सेना के अधिकारी और जवान शामिल है और तीन अन्य एसआरजी हैं। इन तीन यूनिटों में अर्द्धसैनिक बलों के जवान शामिल है। एक अधिकारी ने बताया कि एक यूनिट को वीआईपी सुरक्षा के काम से हटा लिया गया है।
इन्हें अब एसएजी यूनिटों की तर्ज पर आतंकवाद रोधी अभियानों के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। अब सेना और अर्द्धसैनिक बलों दोनों जवान आतंकवाद और हाईजेक जैसी चुनौतियों से निपटेंगे। फोर्स के वर्तमान चार्टर के अनुसार दोनों एसएजी (51 और 52) के पास आतंकवाद रोधी और हाईजेक अभियानों से निपटने की जिम्मेदारी है।
एसआरजी (11, 12 और 13) का इस्तेमाल अभियानों के दौरान एसएजी को लॉजिस्टिक सपोर्ट करना और वीआईपी तथा वीवीआईपी की सुरक्षा का काम है। प्रत्येक यूनिट में करीब 900 जवान होते हैं। सूत्रों के मुताबिक, दो यूनिट वीवीआईपी और वीआईपी की सुरक्षा के लिए पर्याप्त है।
एनएसजी ने वीआईपी की सुरक्षा से हटाए गए 900 जवानों को आतंकवाद, हाईजेक रोधी और बंधक को बचाने और वायुयानों में स्काई मार्शल के तौर पर काम करने के लिए इन्हें प्रशिक्षित करने का फैसला लिया है।