उपद्रव की आग में जलने के बाद में मसूरी में पिछले छह दिन के कर्फ्यू ने इलाके का आर्थिक गणित बिगाड़ दिया है। उत्तर प्रदेश के इस शहर में फसाद की वजह से उद्योग, कारोबार और अन्य धंधे चौपट हो रहे हैं। अब तक करीब छह करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान आंका जा रहा है।
दूध का कारोबार मसूरी में बडे़ पैमाने पर चलता है। दूध की निजी कंपनियों ने इलाके में तीन स्थानों पर कलेक्शन सेंटर खोल रखे हैं। प्रत्येक सेंटर पर हजारों लीटर दूध एकत्र किया जाता है। इसके बाद सुबह-शाम दूध दिल्ली के लिए सप्लाई किया जाता है। कर्फ्यू की वजह से तीनों ही कलेक्शन सेंटर पिछले छह दिनों से बंद पडे़ हैं। इससे दिल्ली को जाने वाली सप्लाई भी ठप पड़ी है।
इसके अलावा गुलावठी रोड स्थित यूपीएसआईडीसी में सैकड़ों की संख्या में छोटी-बड़ी औद्योगिक इकाइयां हैं। मसूरी इलाके के बड़ी संख्या में लोग इन फैक्ट्रियों में दैनिक मजदूरी करते हैं। कर्फ्यू की वजह से मजदूर इन फैक्ट्रियों में नहीं पहुंच पा रहे हैं। इससे फैक्ट्रियों के उत्पादन में कमी आई है।
अफवाहों की वजह से ही कस्बे का माहौल बिगड़ा था और अफवाहों के शोर अब भी यहां का पीछा नहीं छोड़ रहे। मंगलवार को रात में कस्बे के अंदर गोलियों की आवाज से सनसनी फैली थी और बुधवार को फिर अफवाहों का बाजार गर्म हो गया। पुलिस दौड़ी तो बहुत मगर अफवाहें फैलाने वाले खुराफाती तत्वों के गिरेबां तक आज भी नहीं पहुंच सकी।
सुबह सूचना आई कि गंगनहर में कुछ लाशें पड़ी हुई हैं। पुलिस के साथ स्थानीय लोग वहां गए मगर सूचना गलत निकली। पुलिस ने मसूरी में फसाद के मामले में बड़ी संख्या में लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी मगर कई दिन गुजर जाने के बाद भी किसी की गिरफ्तारी नहीं कर सकी है।
अफसर दावा कर रहे हैं कि उपद्रवियों को चिह्नित किया जा रहा है और वे कार्रवाई से नहीं बच सकेंगे। एसएसपी प्रशांत कुमार ने लोगों से कहा है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और जो भी अफवाह फैलाए, उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें।
‘मसूरी से बड़ी संख्या में लेबर क्षेत्र की विभिन्न फैक्ट्रियों में काम करती है। कर्फ्यू के चलते लेबर पहुंच नहीं रही है। इससे करीब 25 प्रतिशत उत्पादन प्रभावित हुआ है। अनुमान है कि करीब 6 करोड़ रुपये का नुकसान अब तक लेबर न आने से हो चुका है।’ -एनएन मिश्रा, अध्यक्ष, मसूरी गुलावठी रोड औद्योगिक एसोरएसशन
मसूरी बवाल: कमिश्नर कोर्ट में दर्ज होंगे बयान
मेरठ। गाजियाबाद के मसूरी में हुए बवाल के बयान तीन दिन तक मंडलायुक्त न्यायालय में दर्ज होंगे। शासन के आदेश पर मेरठ कमिश्नर मृत्युंजय कुमार नारायण प्रकरण की जांच कर रहे हैं। शासन ने जल्द से जल्द जांच पूरी कर रिपोर्ट कमिश्नर से मांगी है।
जांच प्रक्रिया के तहत बयान दर्ज और साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए तीन दिन का समय दिया गया है। 24, 25 और 26 सितंबर को कोई भी गवाह या व्यक्ति घटना से संबंधित साक्ष्य कमिश्नर कोर्ट में सुबह 10 बजे से दो बजे के बीच प्रस्तुत कर सकता है। साथ ही बयान दर्ज करा सकता है।