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शताब्दी में 'मोदी-शाह' वाले कप, हुआ बखेड़ा

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चाय का इस्तेमाल राजनयिक संबंधों को प्रगाढ़ करने के लिए कर रहे हैं और भाजपा समर्थक चाय के कप का पार्टी के सदस्यता अभियान को बढ़ावा देने में।
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चाय और चाय के कपों का ऐसा अभिनव प्रयोग शायद ही पहले देखा गया हो। लोकसभा चुनावों में भाजपा ने 'चाय पर चर्चा' को चुनावी रणनीति का ब्रह्मास्त्र बना दिया था। उस रणनीति से प्रेरणा लेकर भाजपा समर्थकों ने पार्टी के सदस्यता अभियान को बढ़ावा देने के लिए चाय के कपों पर प्रचार शुरु किया है।

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, गुरुवार को अमृतसर शताब्दी एक्सप्रेस में जिन कपों में चाय दी गई, उन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की तस्वीरों छपी थी। भाजपा से जुड़ने के लिए एक टॉल फ्री नंबर दिया गया था। कप पर हिंदी में भाजपा का नारा लिखा था-भाजपा के सदस्य बनें, साथ आएं, देश बनाएं।
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हालांकि जब इन कपों को तैयार करने वालों और बांटने वालों की पड़ताल हुई तो विवाद खड़ा हो गया। रेलवे के अधिकारियों के भी कान खड़े हो गए। उन्होंने आननफानन में जांच कराने की घोषणा भी कर दी।
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विवाद के बाद एनजीओ ने दी सफाई

दरअसल ट्रेन में ये कप एक कैटरर के जरिए पहुंचे। कपों को नई दिल्‍ली की एक एनजीओ संकल्प फाउंडेशन ने तैयार कराया था और उन्होंने ही कैटरर को कप दिए। हालांकि एनजीओ ने कहा कि उन्होंने कप को रेलवे के लिए नहीं बनाया था, कैटरर ने स्वच्छता अभियान के प्रचार के लिए तैयार कपों में भाजपा के सदस्यता अभियान के कपों में मिला दिया।

शताब्दी एक्सप्रेस के कैटरर स्टाफ ने बताया कि इन कपों को इस्तेमाल एक हफ्ते से किया जा रहा है। संकल्प फाउंडेशन से जुड़े राजीव मित्तल ने बताया कि कपों को अमित शाह की रैलियों के ‌लिए तैयार कराया गया था। लेकिन वेंडर ने उनका इस्तेमाल ट्रेनों में कर दिया।

उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार के स्वच्छता अभियान का प्रचार भी चाय के कपों के जरिए किया जा रहा है। ट्रेनों में ऐसे कपों का इस्तेमाल जमकर हो रहा है।
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