ताजनगरी में एक के बाद एक सनसनीखेज वारदात से जनता खौफजदा है। वहीं प्रदेश के मुख्यमंत्री के लिए लकी इस शहर में बढ़ रहा अपराध भी प्रदेश सरकार के लिए बुरा संदेश दे रहा है। सीएम अखिलेश ताजनगरी आकर नित नई योजनाओं की घोषणा करते हैं, लेकिन सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बदमाशों के सामने बौनी साबित हो रही है।
दरअसल, सीएम ने प्रदेश को सुहाने सपने दिखाने के लिए आगरा को ही चुना है। इसीलिए तमाम ड्रीम प्रोजेक्ट की लांचिंग यहीं से की जा रही है। लेकिन यहीं पर कुछ समय से अपराध बेकाबू सा हो गया है। वो भी तब जबकि यहां सात के दिन के भीतर सीएम दूसरी बार आने वाले हैं। अखिलेश यादव 29 दिसंबर 2015 को कौशल विकास मिशन के नियुक्ति पत्र बांटने के लिए आए थे।
अब चार जनवरी को एनआरआई सम्मेलन में आना है। इससे पहले बर्ड फेस्टिवल की शुरुआत भी उन्होंने आगरा से ही की थी। ताजनगरी से दिया जाने वाला संदेश दूर तक जाता है।
शायद इसीलिए सीएम अपने ड्रीम प्रोजेक्ट यहां से शुरू कर रहे हैं। लेकिन यहां पर अपराध बढ़ रहा है, तो इसकी चर्चा भी दूर तक होगी। कहीं ऐसा न हो कि घोषणाओं पर बेकाबू अपराध भारी पड़ जाए और सीएम की योजना पर पानी फिर जाए। उन्हें क्राइम कंट्रोल के लिए भी कदम उठाने होंगे।