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कंवल भारती के फेसबुक कमेंट का मामला क्राइम ब्रांच को

Wed, 07 Aug 2013 01:08 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
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फेसबुक पर यूपी सरकार के खिलाफ टिप्पणी करने के आरोप में गिरफ्तार दलित चिंतक व लेखक कंवल भारती के मामले की विवेचना क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है।
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इस संबंध में रामपुर के पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार सिंह ने बताया कि कंवल भारती के फेसबुक पर टिप्पणी करने के मामले की विवेचना क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है।

'यूपी सरकार के खिलाफ आगे भी लिखता रहूंगा'

उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि दलित लेखक कंवल भारती की टिप्पणी गलत है। रामपुर में जो मदरसा तोड़ा गया, वह कब्रिस्तान की भूमि पर बना था।

उसे आइएएस दुर्गाशक्ति नागपाल के निलंबन से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। इस टिप्पणी से मुस्लिम समाज की धार्मिक भावनाओं को आघात पहुंचा है।

उल्लेखनीय है कि कंवल भारती को फेसबुक पर यूपी सरकार के खिलाफ टिप्पणी करने के आरोप में मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया था। बाद में उन्हें जमानत पर छोड़ दिया गया।
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भारती के खिलाफ एक व्यक्ति ने कोतवाली में फेसबुक पर की गई टिप्पणी में धार्मिक उन्माद और वैमनस्यता फैलाने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

ये हैं कंवल भारती के फेसबुक कमेंट
05 अगस्त को कंवल भारती ने अपने फेसबुक वाल पर ये कमेंट पोस्ट किया था। 'आरक्षण और दुर्गा शक्ति नागपाल इन दोनों ही मुद्दों पर अखिलेश यादव की समाजवादी सरकार पूरी तरह फेल हो गई है। अखिलेश, शिवपाल यादव, आज़म खां और मुलायम सिंह (यू.पी. के ये चारों मुख्य मंत्री) इन मुद्दों पर अपनी या अपनी सरकार की पीठ कितनी ही ठोक लें, लेकिन जो हकीकत ये देख नहीं पा रहे हैं, (क्योंकि जनता से पूरी तरह कट गए हैं) वह यह है कि जनता में इनकी थू-थू हो रही है। लोकतंत्र के लिए जनता इन्हें नाकारा समझ रही है। अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और बेलगाम मंत्री इंसान से हैवान बन गए हैं। ये अपने पतन की पट कथा खुद लिख रहे हैं। सत्ता के मद में अंधे हो गए इन लोगों को समझाने का मतलब है भैस के आगे बीन बजाना...–
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इससे पहले 02 अगस्त को कंवल भारती ने अपने फेसबुक वाल लिखा था कि - 'आपको तो यह ही नहीं पता कि रामपुर में सालों पुराना मदरसा बुलडोजर चलवा कर गिरा दिया गया और संचालक को विरोध करने पर जेल भेज दिया गया जो अभी भी जेल में ही है। अखिलेश की सरकार ने रामपुर में तो किसी भी अधिकारी को सस्पेंड नहीं किया। वह इसलिए कि रामपुर में आज़म खां का राज चलता है, अखिलेश का नहीं।

इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
153 ए- दो वर्गों में वैमनस्यता फैलाना- तीन साल तक की सजा का प्रावधान
295 ए- धार्मिक भावनाओं का अपमान करना- तीन साल तक की सजा का प्रावधान
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