राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारतीय युवा उद्यमिता में भी पीछे नहीं है और शिक्षण संस्थानों को आविष्कार और शोध का नेटवर्क तैयार करने की दिशा में काम करना चाहिए।
इससे न केवल उद्यमी बनेंगे बल्कि आविष्कारों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि देश को शिक्षा के क्षेत्र में पहुंच और उत्कृष्टता, गुणवत्ता वाला और सस्ता और जिम्मेदारी के साथ स्वायत्तता की जरूरत है।
वैश्विक स्तर पर भारत स्टार्ट अप के मामले में अमेरिका और ब्रिटेन के बाद तीसरे स्थान पर है। यहां 4,200 स्टार्ट अप हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत सरकार ने ‘स्टार्ट अप इंडिया, स्टैंड अप इंडिया’ अभियान की शुरुआत उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए किया है।