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'गाय के दूध से भ्रष्टाचार मिटेगा, बुढ़ापा भी नहीं आएगा'

Mon, 15 Dec 2014 03:25 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
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(फोटो: सौजन्य इंडियन एक्सप्रेस)
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गौहत्या को पूरी तरह से बंद कराने की कोशिश में जुटे हिंदूवादी संगठनों ने गाय के दूध और गोबर के उपयोग को लेकर अनोखा दावा किया है।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, मध्य प्रदेश के भोपाल में भारतीय गौ क्रांति मंच की ओर से आयोजित एक सभा में धर्म गुरुओं ने कहा कि गाय के दूध के इस्तेमाल से देश भ्रष्टाचार मुक्त हो सकता है। इतना ही नहीं इस सभा में और कई आश्चर्यजनक बयान भी दिए गए।

गौरतलब है कि यह सभा गौहत्या पर मौत की सजा की मांग को लेकर चल रहे राष्ट्रव्यापी अभियान का एक हिस्सा थी। सभा में गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने और सरकार की ओर अलग से एक गौ मंत्रालय घोषित करने की मांग भी की गई।
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गाय के दूध से भ्रष्टाचार मिटाने के दावे को लेकर कई दलीलें भी दी गई हैं। अगली स्लाइड में पढ़िए क्या हैं इन धर्मगुरुओं की दलीलें।

गाय के दूध से ऐसे रुकेगा भ्रष्टाचार

सभा में आए धर्मगुरुओं ने दावा किया कि अगर आप एक बार गाय के दूध का इस्तेमाल शुरू कर देते हैं तो कभी भी आपके मन में अपराध करने की इच्छा नहीं होगी। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार मिटाने का एक ही हल है और वो है सिर्फ गाय का दूध।

धर्मगुरुओं ने कहा अगर माता कौशल्या को गाय के दूध की बनी खीर न खिलाई गई होती तो भगवान राम का जन्म भी नहीं होता। भारत वास्तव में तभी स्वतंत्र होगा जब गौ माता को सम्मान मिलेगा जिसकी वो हकदार हैं।

इतना ही नहीं सभा में आए धर्म गुरुओं ने सरकार से उनकी मांगें न मानने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी। इसके अलावा उन्होंने गाय के गोबर से ज्यादा दिन तक जवान रहने का तरीका भी बताया।
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भगवान कृष्‍ण क्यों रहे हमेशा युवा?

भोपाल की सभा में आए धर्मगुरुओं ने गाय दूध से भ्रष्टाचार मिटाने जैसा बयान के अलावा गाय के गोबर से जवान रहने का भी अनोखा तरीका बताया।

उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण 120 साल के होने के बाद भी 12 साल किशोर जैसे ही दिखते थे क्योंकि वो गाय के गोबर से बनी साबुन का इस्तेमाल करते थे।

इतना ही नहीं धर्मगुरुओं ने 10 साल की उम्र तक सभी बच्चों के लिए गाय का दूध कानूनी रूप से अनिवार्य बनाने की सलाह भी दी। इसके पीछे उनका तर्क था कि इससे बच्चे संस्कारवान बनेंगे।

धर्मगुरुओं ने इस मंच से ऐलान किया कि दिल्ली सरकार को 2015 तक उनकी मांगों को मानने का समय है। अगर सरकार उनकी मांगों को नहीं मानती तो वह पूरे देश से करीब 25 लाख गौभक्त फरवरी 2016 में दिल्ली में धरना प्रदर्शन करेंगे।
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