सिंगापुर से गैंगरेप पीड़िता की मौत की खबर आने के बाद दिल्ली पुलिस ने इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर में हत्या की धारा जोड़ दी है। इसके साथ ही आरोपियों को फांसी की सजा मिलने की संभावना बढ़ गई है।
नर्सिंग की 23 वर्षीय छात्रा से 16 दिसंबर 2012 को हुए सामूहिक दुष्कर्म के बाद वसंत विहार पुलिस ने इस मामले में गिरफ्तार छह आरोपियों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म, हत्या के प्रयास, मारपीट, गंभीर रूप से घायल करने की धाराओं में मामला दर्ज किया था।
इस मामले में शुरुआत से आरोपियों को मौत की सजा देने की मांग राजधानी की सड़कों पर प्रदर्शन करने वाले लोग लगातार कर रहे थे। सामूहिक दुष्कर्म के बाद सड़क पर उतरे लोगों की नाराजगी के मद्देनजर दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस से इस मामले में स्टेटस रिपोर्ट देने के लिए कहा था।
भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) के तहत आरोपी के दोषी साबित होने पर कम से कम उम्रकैद अथवा मृत्यु दंड की सजा देने का प्रावधान है। हत्या के मामले में सजा क्या होगी। यह अदालत के विवेक और हत्या के तरीके व हालात पर निर्भर करता है। हत्या के मामलों में अदालतें केवल दुर्लभतम मामलों में ही मौत की सजा सुनाती हैं।
आरोपियों ने गैंगरेप के दौरान जिस तरह से पीड़िता के सिर पर लोहे की रोड से वार किया, उसके कपड़े फाड़ने के लिए धारदार हथियार से हमला किया, उसके गुप्तांग में लोहे की रॉड घुसा दी, इन तथ्यों को देखते हुए अदालत द्वारा इस मामले को दुर्लभतम मामलों में शामिल करने की अधिक संभावना है।