तमिलनाडु की एक स्थानीय अदालत ने एक झगड़े के मामले में एक छात्र को अनोखी सजा सुनाई। अदालत ने छात्र को तमिल ग्रंथ ‘थिरुक्कुरल’ से 100 दोहे याद करने की सजा दी।
न्यायिक मजिस्ट्रेट विवेकनंदर नहीं चाहते थे कि छात्र शेनबगमुर्ती को पुलिस के सामने पेश होना पड़े। उसकी कम आयु का ख्याल रखते हुए मजिस्ट्रेट ने उसे 100 दोहे अर्थ के साथ याद कर अदालत को सुनाने का फैसला सुनाया। कोर्ट ने उसे सात मार्च तक हाजिर होने को कहा।