मुंबई की मकोका कोर्ट ने 26/11 हमले के मुख्य आरोपी अबू जुंदाल की मानसिक जांच कराने के आदेश दिए हैं। ऑर्थर रोड जेल में बंद जुंदाल ने कोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा था कि उसके सपने में आमिर अजमल कसाब आकर उसे डराता है।
हालांकि डॉक्टरों के मुताबिक यह मतिभ्रम (हलूसिनेशन) की स्थिति है, जिसमें व्यक्ति को किसी बात को लेकर यह भ्रम हो जाता है, कि उसे कोई विशेष व्यक्ति या वस्तु दिखाई दे रही है।
इस बीमारी को 'लगे रहो मुन्नाभाई' फिल्म में भी दिखाया गया था, जिसमें संजय दत्त को महात्मा गांधी दिखाई देते हैं। उस फिल्म में इस पेरशानी को 'केमिकल लोचा' नाम दिया गया था।
जुंदाल की पेरशानी
मुंबई की आर्थर रोड जेल में आमिर अजमल कसाब के लिए खास सेल बनाया गया था। कसाब को फांसी दिए जाने के बाद से खाली हुए सेल में अब अबू जुंदाल को रखा गया है।
अबू जुंदाल ने अदालत में दाखिल याचिका में कहा था कि कसाब उसे सोने नहीं देता। वह उसके सपने में आता है और परेशान करता है।
उसने बताया कि जब उसे सऊदी अरब में हिरासत में लिया गया तो उस वक्त वह मानसिक रूप से परेशान था और तिहाड़ जेल में भी उसका इलाज चल रहा था।
अब मुंबई में उसके सपने में कसाब आ रहा है। कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करते हुए आर्थर रोड जेल प्रशासन को कहा है कि 15 मार्च से पहले टेस्ट करवाकर जुंदाल की मेडिकल रिपोर्ट अदालत को सौंपी जाए।
कौन है जुंदाल?
अबू जुंदाल को 26/11 के मुंबई आतंकी हमले के अलावा सन 2006 के औरंगाबाद आर्म्स केस में गिरफ्तार किया गया है। जुंदाल को जून में सऊदी अरब से नई दिल्ली लाया गया था।
अबु जुंदाल पर मुंबई हमले में शामिल आतंकियों को हिंदी और मुंबई की भाषा सिखाने और रेकी करने का आरोप है। एटीएस ने दावा किया है कि जिस समय मुंबई पर हमला हुआ वह आतंकियों के पाकिस्तान स्थित कंट्रोल रूम में मौजूद था।