गुजरात और हिमाचल प्रदेश की विधानसभा चुनाव के नतीजे बृहस्पतिवार को सामने आ जाएंगे। दोनों राज्यों में एक बार फिर भाजपा की वापसी होगी या फिर मतदाता इस बार कांग्रेस की ताजपोशी करेंगे, का फैसला ईवीएम के खुलते ही पता चलने लगेगा।
गुजरात की 182 सीटों के लिए दो चरणों में हुए चुनाव में इस बार रिकॉर्ड 71.32 फीसदी मतदान हुआ। वहीं हिमाचल की 68 सीटों के लिए 4 नवंबर को हुए चुनाव में करीब 75 फीसदी वोट पड़े। भारी मतदान के चलते राजनीतिक विश्लेषक भी पूर्वानुमान लगाने में हिचक रहे हैं। दोनों ही राज्यों की सत्ता के लिए मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच है।
दोनों ही राज्यों में मतगणना का काम सुबह 8 बजे से शुरू होगा और शाम तक सभी सीटों के नतीजों के आने की उम्मीद है। गुजरात में 33 जगहों पर मतगणना का काम होगा। मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी हैट्रिक की उम्मीद लगाए हुए हैं। मतदान पूर्व सर्वे और एग्जिट पोलों में भी मोदी की जीत की संभावना जताई गई है। यदि मोदी लगातार तीसरी बार राज्य में भाजपा को जीताने में सफल रहते हैं तो इससे केंद्रीय स्तर पर उनके कद में बढ़ोतरी होगी।
हालांकि माना जा रहा है कि चुनाव से पूर्व भाजपा छोड़कर गुजरात परिवर्तन पार्टी (जीपीपी) बनाने वाले केशुभाई पटेल भाजपा को नुकसान पहुंचा सकते हैं। कांग्रेस 1990 से ही प्रदेश की सत्ता में वापसी के लिए संघर्ष कर रही है। इन तीन पार्टियों के अलावा 33 अन्य पार्टियां भी चुनाव में अपनी किस्मत आजमा रही हैं।
जिन प्रत्याशियों पर सबसे नजर होगी, उनमें मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी, जीपीपी प्रमुख केशुभाई पटेल, गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष अर्जुन मोढवाडिया, विपक्ष के नेता शक्तिसिंह गोहिल और पूर्व मुख्यमंत्री शंकरसिंह वाघेला प्रमुख हैं। सूत्रों का मतगणना शुरू होने के तीन से चार घंटों के अंदर ही रुझान उपलब्ध हो जाएंगे और उम्मीद है कि शाम चार बजे तक सभी नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे।
उधर, हिमाचल में मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल और कांग्रेस नेता वीरभद्र सिंह की प्रतिष्ठा पर लगी है। धूमल सत्ता में दोबारा वापसी की आस लगाए हुए हैं वहीं कांग्रेस एक बार फिर ताजपोशी के उम्मीद में हैं। हालांकि राज्य के चुनावी इतिहास को देखें तो यहां हर पांच साल में जनता सरकार बदल देती है। राज्य में मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच ही है लेकिन हिलोपा, बसपा और एनसीपी चुनावी मुकाबले को रोचक बना सकती हैं। राज्य की 68 सीटों पर 459 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।