मध्य प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली और छत्तीसगढ़ में राजनीतिक शिकस्त खाने के बाद अब कांग्रेस की नजर मिजोरम पर लगी है। ऐसे में यही सवाल उठता है कि क्या मिजोरम में चुनाव जीतकर कांग्रेस अपनी लाज बचा पाएगी?
सोमवार को 40 सदस्यीय मिजोरम विधानसभा चुनाव के लिए वोटों की गिनती शुरू हो गई है। शुरुआती रुझानों में कांग्रेस आगे चल रही है। आज ही 142 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होगा।
मुख्य मुकाबला कांग्रेस और मिजो डेमोक्रेटिक एलायंस के बीच है। मिजो नेशनल फ्रंट, मिजो पीपुल्स कांफ्रेंस और मिजो डेमोक्रेटिक फ्रंट एक साथ मिजो डेमोक्रेटिक एलायंस के बैनर तले चुनाव लड़ रहे हैं।
सबकी नजरें कांग्रेसी मुख्यमंत्री लालथनहावला और मिजो नेशनल फ्रंट के अध्यक्ष और पूर्व सीएम पी जोरमथांगा की सीटों पर टिकी है।
मिजोरम के 25 नवंबर को वोट डाले गए थे और यहां 81 फीसदी मतदान हुआ था।
मिजोरम में कांग्रेस को अपनी सत्ता बरकरार रखने की उम्मीद है। भाजपा को उम्मीद है कि पार्टी को पिछली बार से ज्यादा सीटें मिलेंगी।