रेलवे बोर्ड के सदस्य महेश कुमार को सदस्य (इलेक्ट्रीकल) के साथ ही वेस्टर्न रेलवे के महाप्रबंधक का अतिरिक्त चार्ज दिलाने के लिए दो करोड़ नहीं, बल्कि 12 करोड़ रुपये की डील हुई थी।
रेल मंत्री पवन बंसल के भांजे विजय सिंगला और उसके दोस्त संदीप गोयल ने इस घूस के बदले महेश कुमार को दोनों पद दिलाने का भरोसा दिलाया था।
शनिवार को सीबीआई ने अदालत में यह खुलासा किया। अदालत ने सिंगला समेत चार अभियुक्तों को चार दिन के लिए सीबीआई रिमांड पर भेज दिया है।
जांच एजेंसी ने मामले में आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। मामले में अब तक छह लोग गिरफ्तार हो चुके हैं, जबकि अभी कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
सीबीआई ने चार आरोपियों विजय सिंगला, संदीप गोयल, धर्मेंद्र कुमार और विवेक कुमार को पटियाला हाउस स्थित सीबीआई की विशेष न्यायाधीश स्वर्ण कांता शर्मा के समक्ष पेश किया।
वरिष्ठ सरकारी अधिवक्ता अक्षय गौतम ने अदालत को बताया कि पूरा मामला महेश कुमार को सदस्य इलेक्ट्रीकल बनाने के लिए आपराधिक षड्यंत्र रचने का है।
पंचकूला के व्यवसायी संदीप गोयल ने महेश को भरोसा दिया कि वह उन्हें सदस्य इलेक्ट्रीकल बनवा देगा। गोयल ने कहा कि रेलवे बोर्ड के चेयरमैन विनय मित्तल जून में अवकाश ग्रहण कर रहे है और सदस्य इलेक्ट्रीकल कुलभूषण रेलवे बोर्ड के चेयरमैन बन जाएंगे।
तब सदस्य इलेक्ट्रीकल के खाली पद को उन्हें दिलाने के लिए 10 करोड़ रुपये रिश्वत देनी होगी। पांच करोड़ रुपये काम से पहले व पांच करोड़ रुपये काम के बाद तय किए गए।
महेश ने तब कहा कि वह वेस्टर्न रेलवे के महाप्रबंधक का अतिरिक्त प्रभार भी चाहते हैं। इस पर संदीप ने अलग से दो करोड़ रुपये मांगे व कुल सौदा 12 करोड़ में तय हो गया।
इसके बाद महेश कुमार ने बंगलूरू के व्यवसायी मंजू नाथ को दो करोड़ रुपये का प्रबंध करने को कहा, लेकिन वे 90 लाख रुपये का ही इंतजाम कर पाए।
यह राशि संदीप को देने दो लोग दिल्ली से चंडीगढ़ कार से गए। वहां 90 लाख रुपये संदीप और सिंगला को दिए गए और तभी सीबीआई ने छापा मारकर उनके कार्यालय से 89 लाख 68 हजार रुपये नगद बरामद कर लिए। इसके बाद इस कड़ी से जुड़े दो अन्य लोगों की गिरफ्तारी कर ली गई।
जांच अधिकारी ने बताया कि इसके अलावा महेश को मुंबई व मंजू नाथ को बंगलूरू से गिरफ्तार कर ट्रांजिक्ट रिमांड पर लाया जा रहा है।
मामले में अजय गर्ग निवासी चंडीगढ़, राहुल यादव निवासी दिल्ली, समीर संधीर निवासी दिल्ली व सुशील डागा निवासी फरीदाबाद को भी नामजद किया गया है, जिनकी गिरफ्तारी की कोशिश में सीबीआई लगी हुई है।