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चौंका देगी रमन सिंह के साले की तरक्की की कहानी

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मुख्यमंत्री का साला होना तरक्की का नया फार्मूला है, और बात छत्तीसगढ़ की हो तो साले की ही नहीं ससुराल की तरक्की भी तय है।
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नागरिक आपूर्ति निगम (नान) घोटाले की परतें जैसे-जैसे खुल रही हैं, राज्य के मुख्यमंत्री रमन सिंह के रिश्तेदारों के नए-नए कारनामे सामने आ रहे हैं। नागरिक आपूर्ति निगम के प्रबंधक शिवशंकर भट़्ट की डायरी में सीएम मैडम और सीएम हाउस का जिक्र तो है ही, सतना भी पैसे रवाना किए गए हैं, जहां मुख्यमंत्री की ससुराल है।

नया किस्स्सा रमन सिंह के पत्नी के दूर के भाई संजय सिंह का है। रिश्तों के पदानुक्रम में वे रमन सिंह के साले हैं। पर्यटन विभाग में कार्यरत हैं। सरकारी फाइलों में उनकी पहचान 'मुख्यमंत्री का साला' के रूप में दर्ज है।
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'मुख्यमंत्री के साले संजय सिंह का नया कारनामा'

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबि‌क, एक फाइल में एक अधिकारी ने ‌टिप्पणी की है, 'मुख्यमंत्री के साले संजय सिंह का नया कारनामा।' संजय सिंह के कारनामों के कारण मुख्यमंत्री रमन सिंह विपक्ष के निशाने पर भी हैं।

संजय की सिंह की उम्र 50 साल के आसपास होगी। वहा रमन सिंह की पत्नी वीणा की दूर के भाई हैं, हालांकि जैसी तरक्‍की का ग्राफ है, उससे लगता है कि पिछले 11 सालों में राज्य सरकार की सबसे ज्यादा नजदीकी इन्हीं की रही होगी।

दिसंबर, 2003 में रमन सिंह ने पहली बार छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, उस समय संजय सिंह पर्यटन विभाग में तृतीय श्रेणी के कर्मचारी थे। हालांकि उसके बाद महज साल भर के अंदर उन्हें दो बार तरक्की मिली। उन्हें पहली तरक्‍की में उपमहाप्रबंधक बनाया गया और दूसरी तरक्की में महाप्रबंधक।
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'जोरू का भाई एक तरफ, सारी खुदाई एक तरफ'

हालांकि बाद में दोनों ही प्रमोशन को गैरकानूनी करार दिया गया। उन्हें प‌रिवहन विभाग का संयुक्त आयुक्त बनाया गया, वहां उन पर एक से अधिक भ्रष्टाचार के आरोप लगे। कई अन्य आरोपों में उनके खिलाफ जांच भी हो रही है।

संजय सिंह पर लगे आरोपों का जिक्र करते हुए कांग्रेस के राज्य अध्यक्ष भूपेश बघेल ने हाल ही में कहा था‌ कि जोरू का भाई एक तरफ, सारी खुदाई एक तरफ। हालांकि संजय सिंह का कहना है कि उन्हें कभी मुख्यमंत्री का रिश्तेदार होने का लाभ कभी नहीं लिया, जबकि रमन सिंह की राय अलग है।

मुख्यमंत्री कार्यालय का कहना है कि मुख्यमंत्री रमन सिंह का संजय सिंह से कोई लेनादेना नहीं है, अगर उन्होंने कुछ गलत किया है तो उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।

संजय सिंह के मामलों की जांच कर चुके पर्यटन विभाग के पूर्व उप महा प्रबंधक एमजी श्रीवास्‍तव ने बताया कि उन्हें जितने भी फायदे दिए गए, केवल और केवल मुख्यमंत्री का रिश्तेदार होने के नाते दिए गए और फर्जी तरीके से दिए गए।
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