मंहगाई के इस दौर में सरकार ने कॉपीराइट कानून को भी मंहगा कर दिया है। इस कानून के तहत विभिन्न कार्यों के लिए तय फीस में दस से सौ गुना तक वृद्धि कर दिया है। यह फैसला कॉपीराइट एक्ट में संशोधन के बाद जारी नई नियमावली में किया गया है।
उल्लेखनीय है कि संसद ने पिछले साल जून में कॉपीराइट बिल में संशोधन कर उसमें कई ऐसे प्रावधान जोड़े थे जिनसे कलाकारों तथा लेखकों के अधिकारों की रक्षा की जा सके। एक्ट में संशोधन के बाद कॉपीराइट की नई नियमावली भी बनाई गई है। जो इसी महीने 14 मार्च को लागू की गई है।
इस नियमावली के तहत कॉपीराइट के पंजीकरण शुल्क में भारी वृद्धि कर दी गई है। अभी तक प्रत्येक कार्य के पंजीकरण के लिए न्यूनतम शुल्क 50 रुपये था इसे बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया गया है जबकि अधिकतम शुल्क 600 रुपए से बढ़ाकर 5000 रुपए कर दिया गया है।
लाइसेंस के लिए न्यूनतम शुल्क 200 रुपए से बढ़ाकर 2000 रुपए और अधिकतम शुल्क 400 रुपए प्रति कार्य से बढ़ाकर 40,000 रुपए कर दिया गया है। शुल्क की बढ़ी हुई दरें 14 मार्च 2013 से प्रभावी भी हो गई हैं।