हरियाणा की एक जिला अदालत में गुरुवार को नए ढंग का मुकदमा चला। इसमें न अभियुक्तों को आवाज लगी और न वकीलों की जिरह हुई। कोर्ट में मंडप सजा, बारात आई, मंत्रोच्चार गूंजे और एक सजायाफ्ता कैदी का घर बसाने का फैसला हो गया। इसके बाद कोर्ट परिसर में ही दुल्हन के जोड़े में सजी ममता ने उम्रकैद की सजा काट रहे अपने प्रेमी संजय के साथ सात फेरे लिए।
दरअसल जींद जिले की झारोठ गांव के संजय और सोनीपत की ममता का चार साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों एक ही जाति से हैं। इसी बीच 7 जुलाई, 2010 को जुलाना के लक्ष्मी नगर में सुखबीर और उसकी पत्नी की हत्या के मामले में 9 आरोपियों के साथ संजय को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
27 अगस्त, 2012 में संजय को एडिशनल सेशन जज ने उम्रकैद की सजा सुनाई। तब से वह जेल में है। पिछले साल 13 दिसंबर को ममता व संजय ने सीजेएम कोर्ट में याचिका दायर कर शादी करने की इच्छा जताई और छुट्टी मांगी। अदालत ने सुरक्षा की दिक्कतों के कारण जींद कोर्ट परिसर में ही उनकी शादी कराने के आदेश दिए।
गुरुवार को ममता सज-धजकर कोर्ट पहुंची। संजय को भी जेल से लाया गया। संजय के भाई रामसिंह व राजेश और बहन नीरज के अलावा सरपंच प्रवीन दहिया, नंबरदार जयभगवान समेत 50 लोग भी पहुंचे। पंडित के मंत्रोच्चारण के बीच सीजेएम की मौजूदगी में अग्नि को साक्षी मानकर वर-वधू ने सात फेरे लिए और एक-दूसरे को वरमाला पहनाई।
रीति-रिवाज के साथ पंडित ने दोनों की शादी कराई। रस्म पूरी होने के बाद दूल्हे को वापस जेल भेज दिया गया और दुल्हन ससुराल चली गई।
ममता का कहना है कि वह संजय से प्यार करती है इसलिए शादी की। वह पूरी उम्र संजय का इंतजार करेगी। हाईकोर्ट में मामले को लेकर अपील की गई है। उम्मीद है कि ऊपरी अदालत से राहत मिलेगी और जल्द उसका पति घर लौटेगा।