आगरा में मुस्लिमों को हिंदू बनाए जाने का विवाद शांत भी न पड़ा था, कुशीनगर में हिंदुओं को ईसाई बनाए जाने का मसला सामने आ गया। जिले के कपटहेरवा थाना क्षेत्र के गंगुआ गांव में रविवार को हिंदुओं को ईसाई बनाने के मामले ने तूल पकड़ लिया।
पिछले कुछ महीने से एक-एक कर पांच परिवारों का धर्मांतरण कराके ईसाई बनाने की बात फैली तो हिंदू संगठनों की सक्रियता बढ़ गई, जबकि धर्म बदलने वाले अधिकांश परिवार घरों में ताले डालकर भूमिगत हो गए हैं।
सोमवार को मामले की जांच के लिए एसडीएम तमकुहीराज श्रीप्रकाश शुक्ला मौके पर पहुंचे। गांव में धर्म परिवर्तन कराए जाने का मामला 11 दिसंबर को सामने आया था। (तस्वीरः घर का इस्तेमाल चर्च के रूप में किया जा रहा था।)
11 दिसंबर को सामने आई ईसाई बनने का बात
गंगुआ के प्रधान अजय खरवार ने बताया कि गांव में हिंदू परिवरों को धर्म परिवर्तन किए जाने की बात 11 दिसंबर को सामने आई। उन्होंने कहा कि उस दिन गांव के ही निवासी विक्रम का निधन हो गया।
विक्रम के अंतिम संस्कार उसी के बड़े भाई राजकुमार को करना था। लेकिन राजकुमार के हाथों अंतिम संस्कार पर रिश्तेदारों समेत कुछ गांव वालों ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि राजकुमार का बेटा श्रीकिशुन ईसाई बन गया है, ऐसे में राजकुमार के घर के किसी सदस्य की अंत्येष्टि में सक्रियता पर बाकी लोग शामिल नहीं होंगे।
इसको लेकर पंचायत शुरू हुई, जिसमें श्रीकिशुन व उसकी पत्नी ने चार महीने पहले ईसाई धर्म कुबूल करने की बात स्वीकार की। विक्रम के दूसरे भाई के हाथों अंत्येष्टि कराके उस वक्त स्थिति संभाल ली गई, लेकिन इसके बाद ग्रामीणों की पड़ताल में यह साफ हुआ कि श्रीकिशुन के अलावा चार महीने के भीतर अन्य तीन परिवारों को भी ईसाई बनाया जा चुका है।
गांव में एक मकान को चर्च की तरह इस्तेमाल करते हुए ये लोग छिपकर प्रार्थना करते हैं।
गांव में भी घर वापसी कराने की तैयारी में हिंदू संगठन
धर्मांतरण कराने में गांव के ही दिलीप गुप्ता की भूमिका सामने आई, जो लंबे समय से रोजगार के लिए मुंबई में है। बताया गया कि बीच-बीच में गांव के चक्कर लगाने वाले दिलीप ने लोगों को आर्थिक सुधार, इलाज जैसे प्रलोभन देकर ईसाई बनाने में भूमिका निभाई जबकि वह खुद पहले ही मुंबई में ईसाई धर्म कुबूल कर चुका है।
रविवार को दोपहर बाद एकाएक धर्मांतरण का मुद्दा गर्माया तो श्रीकिशुन को छोड़ संबंधित परिवार घरों में ताले डालकर कहीं चले गए। श्रीकिशुन की पत्नी ने बताया कि पति के बीमार होकर अपंग जैसी स्थिति में आने पर चार महीने पहले दिलीप ने ईसाई बनकर स्थिति सुधरने का भरोसा दिया था। इसके बाद पति-पत्नी ने धर्म बदल लिया।
दंपति ने धर्म बदलने से स्थिति न बदलने की बात स्वीकारते हुए कहा कि चाचा विक्रम की अंत्येष्टि पर धर्म को लेकर सवाल उठने के बाद से हिंदू धर्म में वापसी का निर्णय ले लिया।
इस बीच हिंदू संगठनों ने गांव में जल्द घर वापसी कार्यक्रम आयोजित कर सभी को हिंदू बनाने की तैयारी का ऐलान किया है। शाम से गांव में हलचल बढ़ने पर कई भाजपा नेताओं ने भी प्रधान से फोन पर जानकारी ली। साथ ही ईसाई बने सभी परिवारों को जल्द हिंदू धर्म में स्वीकार कराने की योजना बताई।
प्रभु प्रजापति ने भी हिंदू से ईसाई धर्म स्वीकार किया है, अमर उजाला ने उनसे बातचीत की। देखिए वीडियो-