सरकार ने यूपीएससी परीक्षा में बदलाव के फैसले पर फिलहाल रोक लगा दी है। सिविल सेवा परीक्षा में अंग्रेजी के पर्चे को मेरिट में जोड़ने और क्षेत्रीय भाषाओं को लेकर किए गए परिवर्तनों पर कड़े विरोध को देखते हुए सरकार ने फैसले को ठंडे बस्ते में डाल दिया है।
गुरुवार को लोकसभा में एक सुर में इस परिपत्र का विरोध किया गया। संसद सदस्यों ने इस परिपत्र को वापस लेने की मांग करते हुए इस तरह का कदम उठाने वाले आयोग के अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की भी मांग की।
सरकार सांसदों के विचारों को गंभीरता से लेते हुए यूपीएससी की एक बैठक बुलाकर इस मुद्दे को सुलझाने की कोशिश करेगी। सदस्यों की भावनाओं का ख्याल रखते हुए फिलहाल फैसले को रोक दिया गया है।