उत्तर प्रदेश में 29 वर्ष पूर्व पुलिस हिरासत में हुई एक डॉक्टर मौत के मामले में अदालती आदेश का पालन नहीं करने को लेकर दाखिल अमवमानना याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया है।
याचिका में कहा गया है कि शीर्ष अदालत ने पीड़ित परिवार को दो महीने के भीतर 10 लाख रुपये का मुआवजा देने के लिए कहा था लेकिन 15 महीने बीत जाने के बाद सरकार ने अब तक मुआवजे की पूरी रकम नहीं दी है। अवमानना याचिका डॉक्टर विरेन्द्र सिंह की पत्नी इंदू सिंह की ओर से दायर की गई है।
न्यायमूति रंजन गोगई और न्यायमूर्ति प्रफुल्ल सी पंत की पीठ ने इस मामले में यूपी सरकार को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने के लिए कहा है।
अवमानना याचिका में कहा गया है कि 10 अक्टूबर, 2014 को सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को पीड़ित परिवार को दो महीने के भीतर 10 लाख रुपये मुआवजा देने केलिए कहा था। इनमें से पांच लाख रुपये पीड़ित परिवार को दिया जा चुका है लेकिन शेष रकम अब तक पीड़ित परिवार को नहीं मिला है।