आजकल व्यक्ति इतना ज्यादा आरामतलब और सुविधाभोगी हो गया है कि जरा सी असुविधा उसे परेशान कर देती है। ऐसा ही एक वाकया एक पूर्व आईएएस अधिकारी के साथ घटा। अधिकारी ने एयर फ्रांस विमान से यात्रा की और एयरपोर्ट के लॉंज में पर्याप्त मात्रा में पर्याप्त स्नैक्स उपलब्ध नहीं कराए जाने पर नाराज हो गए। इसकी शिकायत उन्होंने कंज्यूमर फोरम से कर दी।
फोरम ने उनकी याचिका को खारिज करते हुए उनकी शिकायत को अपने आराम के प्रति अतिसंवेदनशील होना करार दिया। फोरम ने एयर फ्रांस को पर्याप्त मात्रा में विभिन्न स्नैक्स उपलब्ध नहीं कराए जाने के लिए सेवा में कमी का दोषी ठहराने से इनकार कर दिया। फोरम ने रिटायर ब्यूरोक्रेट बीके साहा की आलोचना करते हुए कहा कि एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी से ऐसे व्यवहार की अपेक्षा नहीं की जाती है।
नई दिल्ली जिला कंज्यूमर फोरम ने कहा कि हमारे विचार से सुविधा में कमी सेवा में खामी का हिस्सा नहीं है। साहा की शिकायत अपने आराम के प्रति अतिसंवेदनशील होना महसूस होता है। एक वरिष्ठ अधिकारी से ऐसे व्यवहार की उम्मीद नहीं की जाती है जोकि गवर्नेंस की हकीकत से वाकिफ हो। फोरम के अध्यक्ष सीके चतुर्वेदी ने साहा की शिकायत को खारिज करते हुए कहा कि हमें एयर लाइन को दोषी साबित करने के लिए पर्याप्त कारण नहीं मिले। हमारा मानना है कि विपक्ष पार्टी की ओर से कोई कमी नहीं की गई।
अपनी शिकायत में साहा ने एयर फ्रांस के खिलाफ कई आरोप लगाए थे। उन्होंने शिकायत में आरोप लगाया था कि मार्च 2005 में दिल्ली से पेरिस की यात्रा के दौरान उन्हें असुविधाजनक सीट दी गई, बिजनेस क्लास के यात्रियों के लिए लॉंज पर विभिन्न स्नैक्स की कमी के साथ ही अपर्याप्त व्यवस्था थी। दिल्ली निवासी साहा ने एयर लाइंस से 4.35 लाख रुपये (750 यूरो) और मुकदमा पर हुए खर्च का मुआवजा मांगा था।