राजस्थान की भाजपा सरकार द्वारा पंचायत चुनाव लडऩे के लिए शैक्षणिक योग्यता तय किए जाने को कांग्रेस पंचायत चुनाव में बड़ा मुद्दा बनाएगी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट का कहना है कि आनन-फानन में यह नियम लागू कर राजस्थान सरकार ने प्रदेश की आधी ग्रामीण जनता को चुनाव लडऩे से वंचित कर दिया है।
पायलट ने बुधवार को पत्रकारों से कहा कि राजनीति में पढे लिखे लोग आएं यह सुनने में अच्छा लगता है। प्रदेश में सरकार 17 हजार स्कूलों को बंद कर चुकी है और दूसरी तरफ चुनाव लडऩे के लिए पढ़े लिखे होने की बाध्यता लागू की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 5.16 करोड़ लोग रहते हैं और इनमे से 2.68 करोड़ अशिक्षित हैं। पायलट ने कहा कि भाजपा के 23 विधायक और दो सांसद दसवीं पास नहीं है तो क्या भाजपा इनकी सदस्यता भी रद्द करेगी। सरकार को इस मामले पर चर्चा करानी चाहिए थी और इसके बाद फैसला किया जाना चाहिए था।
सेवा केन्द्रों को अटल का नाम देने का विरोध
पायलट ने राजस्थान में ग्राम पंचायतों पर चल रहे राजीव गांधी सेवा केन्द्रों का नाम पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर किए जाने का भी विरोध किया है। उन्होंने कहा कि सरकार अटल जी के नाम से चाहे कुछ भी करे, लेकिन जो नाम पहले से चल रहा है, उसे बदलना सरकार की ओछी मानसिकता बताता है। इस बारे में सरकार को फिर से विचार करना चाहिए।