आंध्र प्रदेश के बंटवारे पर सोनिया और राहुल गांधी पर जगनमोहन रेड्डी के सीधे हमले से सीमांध्र में पार्टी के सफाए की कांग्रेस में आशंका गहरा गई है।
कांग्रेस ने जगन के पार्टी के साथ जुड़ने की बचीखुची उम्मीद भी छोड़ दी है। जेल से बाहर आने के बाद जगन इतने आक्रामक होंगे, इसका अंदाजा कांग्रेस के मैनेजरों को नहीं था।
शनिवार को कांग्रेस के केंद्रीय नेता आंध्र के नेताओं को फोन कर पता कर रहे थे कि क्या सचमुच जगन ने कांग्रेस अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पर निशाना साधा है।
जगन आंध्र प्रदेश की राजनीति में नए चेहरे के रूप में सामने आए हैं। भले ही उन पर भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के मामले चल रहे हैं, मगर जनता के बीच उनकी लोकप्रियता से विपक्षी दल परेशान हैं।
खासकर जब से जगन ने नरेंद्र मोदी की तारीफ की है तब से पार्टी की मुसीबत और बढ़ गई है। जगन ने शनिवार को सोनिया का नाम लिए बगैर निशाना साधा कि अपने बेटे को प्रधानमंत्री बनाने के लिए राज्य के टुकड़े कर दिए।
सोनिया पर सीधे हमले के बावजूद जगन पर पलटवार करने में कांग्रेस नेता फिलहाल कोताही बरत रहे हैं। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि यह बेहद संवेदनशील मामला है।
जगन से कैसे निपटना है को लेकर अभी उच्च स्तर पर फैसला नहीं लिया गया है। मगर पार्टी के एक मैनेजर ने कहा है कि जिस तरह से कांग्रेस के खिलाफ जगन आए हैं, उसे लेकर पार्टी ज्यादा देर तक चुप नहीं रहेगी।
जगन के खिलाफ पार्टी डटकर खड़ी होगी। पार्टी को आशंका है कि जगन के साथ कांग्रेस के कई सांसद और विधायक जा सकते है। ऐसे में चुनाव से पहले ही पार्टी तहस नहस हो सकती है। इसलिए जल्दबाजी से परहेज किया जा रहा है।