अलग तेलंगाना राज्य के मुद्दे पर केंद्र सरकार और कांग्रेस आगे बढ़ती दिख रही है।
सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस कोर कमेटी की बैठक में अलग राज्य बनाने का लगभग मन बना लिया गया है। बस आंध्र प्रदेश की मौजूदा राजधानी हैदराबाद को लेकर विवाद है।
माना जा रहा है कि हैदराबाद को कुछ सालों तक आंध्र प्रदेश और अलग तेलंगाना राज्य की साझा राजधानी बनाने की बात है। इन बातों पर सहमति मानी जा रही है। मगर औपचारिक ऐलान अभी नहीं करने की बात तय हुई है।
बताया जा रहा है कि संसद के मानसून सत्र से पहले कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक हो सकती है। इसमें अलग तेलंगाना राज्य को लेकर कार्यसमिति के सदस्यों की राय लेकर इस पर मोहर लगाई जा सकती है।
वहीं, संसद के मानूसन सत्र में अलग राज्य को लेकर बिल लाने की कोशिश हो सकती है।
शुक्रवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की अध्यक्षता में कांग्रेस कोर कमेटी की बैठक हुई।
बैठक के बाद कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा कि बातचीत की प्रक्रिया पूरी हो गई है। अब पार्टी और यूपीए सरकार के निर्णय का इंतजार करना चाहिए।
बैठक में दिग्विजय सिंह के साथ रक्षा मंत्री एके एंटनी, वित्त मंत्री पी. चिदंबरम, गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे और स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद भी मौजूद थे।
कांग्रेस ने अलग तेलंगाना राज्य बनाने के संकेत दिए हैं। कोर कमेटी की बैठक से पहले शुक्रवार को इस मसले पर मैराथन बैठकों का दौर जारी रहा।
दिग्विजय सिंह और गुलाम नबी आजाद ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री किरण रेड्डी और प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष बोत्सा सत्यनारायण से अलग-अलग मुलाकात की।
दोनों नेताओं ने केंद्रीय नेताओं के सामने अपना प्रेजेंटेशन दिया। साथ ही राज्य के उप मुख्यमंत्री सी. दामोदर राजा नरसिंहा से भी बात की गई। मुख्यमंत्री ने सुबह गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे से भी मुलाकात की थी।