दिल्ली में चुनाव का रास्ता साफ होने के साथ ही दिल्ली में चेहरा बचाने की सबसे बड़ी चुनौती कांग्रेस के सामने खड़ी हो गई है। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व में हड़कंप मचा हुआ है।
झारखंड और जम्मू कश्मीर के बाद दिल्ली में चुनाव करवाने की खबर से तो पार्टी के मैनेजरों चिंतित है। दिल्ली में प्रदेश कांग्रेस केनेताओं की आपसी फूट और पार्टी के खिलाफ बन रही आम राय को देखते हुए पार्टी के शीर्ष मैनेजर डैमेज कंट्रोल में जुटे हुए हैं।
दिल्ली में शीला दीक्षित के समर्थक उनको आगामी चुनाव में फिर से चेहरा बनाने की कोशिश में हैं, जबकि उनके विरोधी उनको किनारा करने के लिए लॉबिंग कर रहे हैं।
मंगलवार को केंद्रीय कैबिनेट ने दिल्ली में सरकार बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। कांग्रेस ने भाजपा पर आरोप लगाया है कि वह चुनाव से डरी हुई है। इसलिए प्रदेश में अपना मुख्यमंत्री घोषित नहीं कर पा रही है।