लोकसभा चुनाव के फैसले के दिन से पहले भले ही कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी के हर स्थिति का सामना करने के लिए तैयार हों, लेकिन एक दिन पहले से ही विवादों की शुरूआत हो गई है।
सोनिया की ओर से प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के सम्मान में दिए विदाई समारोह से राहुल के नदारद रहने से लेकर पार्टी के नए पोस्टरों से भी कांग्रेस उपाध्यक्ष और सोनिया गांधी के गायब रहने जैसे मुद्दों पर चर्चा का माहौल गरम है।
वैसे कांग्रेस उपाध्यक्ष बृहस्पतिवार को दिल्ली लौट आए। कांग्रेस के नेताओं और प्रवक्ताओं की फौज खुद को मीडिया के हर कठिन सवालों के लिए तैयार कर रही है।
निर्णायक मौकों पर राहुल गायब
कांग्रेस मुख्यालय में मीडिया का सामना करने के लिए प्रवक्ताओं और टीवी चैनलों के लिए पहली बार बाकायदा एयरकंडीशंड पंडाल लगाए गए हैं।
मगर नतीजों से पहले ही कांग्रेस प्रवक्ता और सांसद संदीप दीक्षित के हार मानने से कांग्रेस की सारी तैयारियों पर पलीता लग गया है। चुनाव नतीजे आने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के मीडिया के सामने आने की बात है।
चुनाव नतीजों के अंक गणित पर चर्चा के बजाय बृहस्पतिवार को पार्टी के अंदर इस बात पर चर्चा शुरू हो गई है कि कब कब निर्णायक मौकों पर राहुल गांधी गायब रहे।
दामिनी कांड में भी गायब रहे राहुल
दिल्ली सामूहिक बलात्कार कांड और लोकपाल के मुद्दे पर चल रहे अन्ना आंदोलन के समय भी राहुल गांधी का गायब रहना चर्चा का मुद्दा बना था।
पार्टी के एक नेता ने याद दिलाया कि 16 दिसंबर, 2012 को हुए दिल्ली सामूहिक बलात्कार कांड पर उपजे विवाद के समय राहुल गांधी के गायब रहने को भाजपा ने जोर शोर से उछाला भी था।
कांग्रेस मुख्यालय में इलेक्ट्रानिक और प्रिंट मीडिया के पत्रकारों के लिए चुनाव नतीजों को कवर करने के लिए बाकायदा तंबू लगाए गए हैं। टीवी स्क्रीन भी लगाई गई है।
संदीप दीक्षित ने मानी पहले ही हार
कांग्रेस नेताओं के मुताबिक ऐसे प्रबंध पहली बार किए गए हैं। 2004 और 2009 के लोकसभा चुनाव के समय ऐसे प्रंबंध नहीं किए गए थे। माना जा रहा है कि सोनिया और राहुल प्रेस कांफ्रेंस कर सकते हैं।
मगर 24 अकबर रोड पर कांग्रेस मुख्यालय पर लगे नए पोस्टरों से राहुल और सोनिया गांधी की तस्वीरें गायब होने को लेकर कानाफूसी चल रही है। पोस्टर पर सिर्फ पंजे का निशान है।
चर्चा है कि ऐसा इसलिए किया गया है कि अगर चुनावी नतीजे कांग्रेस के खिलाफ आते हैं तो इसकी जिम्मेदारी गांधी परिवार पर नहीं आने दी जाएगी।
वहीं पूर्वी दिल्ली से कांग्रेस उम्मीदवार संदीप दीक्षित ने चुनाव नतीजों से पहले ही हार मान ली है। दीक्षित ने कहा कि कांग्रेस के खिलाफ सत्ता विरोधी माहौल को समझने में कमी रही। मोदी फैक्टर तो कमी नहीं। लेकिन एक माहौल कांग्रेस के खिलाफ है।