फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मोदी की 'रेनकोट' टिप्पणी से कांग्रेस आहत, संसद के दोनों सदन हुए ठप

Thu, 09 Feb 2017 03:59 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ नई दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
राज्यसभा में गुरुवार को सदन शुरू होते ही हंगामा होने शुरू हो गया। सदन में हाय हाय के नारे गूंजने लगे। प्रधानमंत्री माफी मांगो, नरेंद्र मोदी शरम करो के नारे के बीच राज्यसभा की कार्रवाई स्‍थगित कर दी गई। 
विज्ञापन


चीदंबरम ने कहा कि नौकरियां कहां हैं? पिछले साल सरकार ने सिर्फ 1.5 लाख नौकरियों को सृजन किया और यह संख्या भी घटती जा रही है। सरकार ने सभी नौकरियों को खत्म कर दिया।

उन्होंने आगे कहा कि जीडीपी में एक फीसदी की गिरावट आई है और यह दो फीसदी तक हो सकता है। इसके बावजदू आपका बजट उसी धारा में दिख रहा है। उन्होंने नोटबंदी पर सरकार को घरते हुए कहा कि यह भयानक गलती थी। निर्णय लेने के बाद सरकार इसपर कहानी बना रही है। 
विज्ञापन


सीताराम येचुरी ने कहा कि इससे पहले किसी भी प्रधानमंत्री ने सदन को इस तरह अपमानित नहीं किया था। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर उनका बयान बहुत ही खराब रहा है। उन्होंने कहा हममें से कई को विश्वास है कि प्रधानमंत्री की कार्यप्रणाली फासिस्ट और हिटलवादी है, लेकिन किसी ने भी डिबेट में ऐसा नहीं कहा।

शरद यादव ने कहा कि  प्रधानमंत्री के लिए इस तरह का शब्द निकालना सोभा नहीं देता है। प्रधानमंत्री ने शिष्टता की सीमा का लांघ दिया है। अहमद पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री शरद यादव, सीताराम येचुरी और किसी को भी सुनना नहीं चाहते थे, इसलिए वह कुर्सी पर नहीं थे।

उधर लोकसभा की कार्रवाई आधे घंटे के बाद फिर शुरू हो गई। इस बीच लोकसभा में भी रुक-रुककर हंगामा होता रहा। 

इसके पहले सदन में विपक्षी पार्टियों ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राज्यसभा में दिए गए भाषण का विरोध कर रहा था। विपक्षी पार्टियों के नेताओं का कहना था कि बजट सत्र में प्रधानमंत्री का जिस तरह का अभिभाषण हुआ वह निंदनीय है। 

इसके बाद सदन में हंगामा शुरू हो गया। सत्ता और विपक्ष दोनों के ही सांसद वेल में आ गए। पूरा संसद प्रधानमंत्री माफी मांगे के नारों से गूंज उठा। 

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर प्रधानमंत्री मोदी की टिप्पणी से कांग्रेस नाराज है। राज्यसभा में पीएम ने मनमोहन सिंह को लेकर शॉवर और रेनकोट वाली बात कही थी। इसी को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष और उपाध्यक्ष ने ये फैसला लिया है।

सांसद कपिल सिब्बल ने कहा कि, जब तक पीएम माफी नहीं मांगते, हम उनको सदन में बोलने नहीं देंगे। पीएम की टिप्पणी के बाद मनमोहन सिंह राज्यसभा के गलियारे में मीडिया से कहा कि, मुझे इस पर कुछ नहीं बोलना। मनमोहन की इस चुप्पी का ही असर था कि, आनन फानन में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने सोनिया और राहुल को मामले की जानकारी दी। ऐसे में सोनिया और राहुल से चर्चा के बाद कांग्रेस ने तय किया कि मामले को यहीं नहीं छोडे़ंगे । 

पार्टी ने तय किया कि, जब तक पीएम माफ़ी नहीं मांगते, वो संसद के दोनों सदनों में पीएम का बहिष्कार करेगी। जैसे ही पीएम लोकसभा या राज्यसभा में आएंगे तो कांग्रेस सांसद नारेबाजी करते हुए सदन ने बाहर निकल जाएंगे। कल संसद का ये सत्र खत्म हो रहा है, लेकिन कांग्रेस का कहना है कि, कल ही नहीं बल्कि आने वाले सत्रों में भी उनका बहिष्कार जारी रहेगा।
विज्ञापन

मोदी ने कहा- हम उसी भाषा में जवाब देने वाले व्यक्ति हैं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंदिरा गांधी से लेकर मनमोहन सिंह को काले धन और भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा प्रतीक बताकर कांग्रेस पर कल संसद में तीखा हमला किया। राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण के जवाब के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा है कि मनमोहन सिंह के समय में इतने घोटाले हुए। इतना पैसा इधर उधर हुआ। उन पर एक दाग नहीं लगा। राजनेताओं को बाथरूम में रेनकोर्ट पहनकर नहाने की कला डॉक्टर मनमोहन सिंह से सीखना चाहिए।  

मोदी ने कहा कि मनमोहन सिंह ने मोदी सरकार पर लूट का आरोप लगाकर मर्यादा तोड़ी तो जवाब सुनने की भी हिम्मत होनी चाहिए। उन्होंने दो टूक कहा, हम उसी भाषा में जवाब देने वाले व्यक्ति है।

प्रधानमंत्री के इस तीखे वार से कांग्रेस झल्ला गई और उसने समाजवादी पार्टी के साथ मिलकर वाकआउट किया। प्रधानमंत्री ने कांग्रेस को अपने गिरेबां में झांकने के बाद ही दूसरों पर उंगली उठाने की नसीहत दी। कांग्रेस और सपा के वाकआउट करने के कुछ समय बाद अभिभाषण पर संशोधन पेश करने के दौरान असंतोष जताते हुए माकपा, तृणमूल कांग्रेस, जदयू, ने भी सदन से वाकआउट किया।

अभिभाषण पर राज्यसभा की मंजूरी मिलने के समय सदन में एनसीपी, वाईएसआर कांग्रेस और आईएनएलडी के कुछ सदस्य ही सदन में बचे थे। समूचा विपक्ष ने सदन से वाकआउट किया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें