राज्यसभा में गुरुवार को सदन शुरू होते ही हंगामा होने शुरू हो गया। सदन में हाय हाय के नारे गूंजने लगे। प्रधानमंत्री माफी मांगो, नरेंद्र मोदी शरम करो के नारे के बीच राज्यसभा की कार्रवाई स्थगित कर दी गई।
चीदंबरम ने कहा कि नौकरियां कहां हैं? पिछले साल सरकार ने सिर्फ 1.5 लाख नौकरियों को सृजन किया और यह संख्या भी घटती जा रही है। सरकार ने सभी नौकरियों को खत्म कर दिया।
उन्होंने आगे कहा कि जीडीपी में एक फीसदी की गिरावट आई है और यह दो फीसदी तक हो सकता है। इसके बावजदू आपका बजट उसी धारा में दिख रहा है। उन्होंने नोटबंदी पर सरकार को घरते हुए कहा कि यह भयानक गलती थी। निर्णय लेने के बाद सरकार इसपर कहानी बना रही है।
सीताराम येचुरी ने कहा कि इससे पहले किसी भी प्रधानमंत्री ने सदन को इस तरह अपमानित नहीं किया था। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर उनका बयान बहुत ही खराब रहा है। उन्होंने कहा हममें से कई को विश्वास है कि प्रधानमंत्री की कार्यप्रणाली फासिस्ट और हिटलवादी है, लेकिन किसी ने भी डिबेट में ऐसा नहीं कहा।
शरद यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री के लिए इस तरह का शब्द निकालना सोभा नहीं देता है। प्रधानमंत्री ने शिष्टता की सीमा का लांघ दिया है। अहमद पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री शरद यादव, सीताराम येचुरी और किसी को भी सुनना नहीं चाहते थे, इसलिए वह कुर्सी पर नहीं थे।
उधर लोकसभा की कार्रवाई आधे घंटे के बाद फिर शुरू हो गई। इस बीच लोकसभा में भी रुक-रुककर हंगामा होता रहा।
इसके पहले सदन में विपक्षी पार्टियों ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राज्यसभा में दिए गए भाषण का विरोध कर रहा था। विपक्षी पार्टियों के नेताओं का कहना था कि बजट सत्र में प्रधानमंत्री का जिस तरह का अभिभाषण हुआ वह निंदनीय है।
इसके बाद सदन में हंगामा शुरू हो गया। सत्ता और विपक्ष दोनों के ही सांसद वेल में आ गए। पूरा संसद प्रधानमंत्री माफी मांगे के नारों से गूंज उठा।
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर प्रधानमंत्री मोदी की टिप्पणी से कांग्रेस नाराज है। राज्यसभा में पीएम ने मनमोहन सिंह को लेकर शॉवर और रेनकोट वाली बात कही थी। इसी को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष और उपाध्यक्ष ने ये फैसला लिया है।
सांसद कपिल सिब्बल ने कहा कि, जब तक पीएम माफी नहीं मांगते, हम उनको सदन में बोलने नहीं देंगे। पीएम की टिप्पणी के बाद मनमोहन सिंह राज्यसभा के गलियारे में मीडिया से कहा कि, मुझे इस पर कुछ नहीं बोलना। मनमोहन की इस चुप्पी का ही असर था कि, आनन फानन में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने सोनिया और राहुल को मामले की जानकारी दी। ऐसे में सोनिया और राहुल से चर्चा के बाद कांग्रेस ने तय किया कि मामले को यहीं नहीं छोडे़ंगे ।
पार्टी ने तय किया कि, जब तक पीएम माफ़ी नहीं मांगते, वो संसद के दोनों सदनों में पीएम का बहिष्कार करेगी। जैसे ही पीएम लोकसभा या राज्यसभा में आएंगे तो कांग्रेस सांसद नारेबाजी करते हुए सदन ने बाहर निकल जाएंगे। कल संसद का ये सत्र खत्म हो रहा है, लेकिन कांग्रेस का कहना है कि, कल ही नहीं बल्कि आने वाले सत्रों में भी उनका बहिष्कार जारी रहेगा।