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सट्टा बाजार के अनुसार यूपी में न ही गठबंधन और ना ही बीजेपी को मिलेगा बहुमत

Thu, 09 Feb 2017 03:27 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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उत्तर प्रदेश चुनाव
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उत्तर प्रदेश में होने वाले प्रथम चरण की वोटिंग से दो दिन पहले सट्टा बाजार भी गर्म हो गया है। सट्टेबाज इस बार त्रिशंकु विधानसभा की उम्मीद लगाए हुए हैं। इसमें बीजेपी और समाजवादी पार्टी-कांग्रेस गठबंधन में काफी नजदीकी मुकाबला दिख रहा है।
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रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा मौद्रिक नीति की समीक्षा करने के बाद राज्य चुनाव घरेलू शेयर बाजार के लिए बड़ी जोखिम घटना है।


इकॉनमिक टाइम्स के मुताबिक, बाजार को नजदीक से देखने वालों का कहना है कि उत्तर प्रदेश में विधानसभा का रिजल्ट निकट भविष्य के लिए बड़ा ट्रिगर साबित हो सकता है। अनौपचारिक डेटा के मुताबिक, बीजेपी और सपा-कांग्रेस गठबंधन नजदीकी रेस में हैं और मायावती तीसरे नंबर के लिए सबसे नजदीक हैं।

अनौपचारिक रिपोर्ट्क के मुताबिक, बीजेपी और सपा-कांग्रेस गठबंधन 403 विधानसभा सीटों के चुनाव में 130-130 सीटें जीत रही हैं। इसमें एक रुपए पर 30 पैसा का दांव लगा है। 
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उत्तर प्रदेश में हैं 138 मिलियन वोटर्स

उत्तर प्रदेश चुनाव
बताते चलें कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य है, जहां 138 मिलियन वोटर्स हैं। राज्यसभा में बीजेपी अल्पमत में है और उसका कहना है कि इस वजह से ही वह कई नीतियों को बनाने में खुद को कमजोर महससूस करती है।

पिछले दो साल में राज्यों के चुनाव में बीजेपी को ठीक सफलता नहीं मिली है और उसे बिहारी और दिल्ली में हार का सामना करना पड़ा है। त्रिशंकु विधानसभा की उम्मदी से नई सत्ता समीकरण बनते दिख रहे हैं। 

हालांकि बीजेपी और कांग्रेस-समाजवादी गठबंधन दोनों ही पूर्ण बहुमत का दावा कर रहे हैं। अखिलेश का तो कहना है कि उनका गठबंधन प्रदेश में तीन सौ से अधिक सीटें जीतेगा। 
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