रक्षामंत्री मनोहर परिकर ने संकेत दिया कि राज्य के जल विकास परियोजनाओं में अमेरिकी कंपनियों द्वारा रिश्वत दिए जाने के मामले में दो पूर्व मंत्री शामिल हो सकते हैं।
परिकर ने बिना किसी का नाम लिए कहा, ‘यह घटना तब की है जब दिगंबर कामत के नेतृत्व वाली सरकार थी।’ उन्होंने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम की जांच सीबीआई से कराए जाने पर सच्चाई सामने आ जाएगी।
मुख्यमंत्री पारसेकर ने कहा, ‘यह एक अंतरराष्ट्रीय मामला है, गोवा पुलिस इसकी जांच नहीं कर सकती। यही कारण है कि गोवा सरकार प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से इस मामले की सीबीआई जांच कराए जाने की सिफारिश करने का निर्णय किया है। वास्तविकता लोगों के सामने आनी चाहिए।’
उन्होंने कहा, ‘जब ठेके दिए जा रहे थे तब कांग्रेस के दिगंबर कामत मुखमंत्री थे और चर्चिल एलेमाओ लोक विकास विभाग मंत्री थे। अब यह बात सामने आनी चाहिए कि किस मंत्री ने रिश्वत ली थी।’
लुईस बर्जर ने गोवा परियोजना के लिए 9,76,630 डॉलर रिश्वत दी थी जिसमें एक मंत्री को किया गया भुगतान भी शामिल है। अमेरिकी न्याय विभाग ने अभी इससे जुड़ी जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।