छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में कांग्रेस नेताओं पर हुए नक्सली हमले में पार्टी के ही चार नेताओं पर उंगली उठ रही है।
हमले की जांच कर रही एनआईए टीम की शुरुआती रिपोर्ट में बताया गया है कि हमले के दिन 25 मई को कांग्रेस के चार नेता दिनभर नक्सलियों के संपर्क में थे। वे नक्सलियों को सभी गतिविधियों की जानकारी मुहैया करा रहे थे।
मीडिया रिपोटर्स के अनुसार, बताया जा रहा है कि एनआईए ने उन नेताओं के कॉल डिटेल्स से इस बात का पता लगाया है।
'कांग्रेस के अंदर के नेता ने ही कराया नक्सली हमला'
प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, इन चार नेताओं ने नक्सलियों को सड़क मार्ग की जानकारी देने के साथ-साथ किस गाड़ी में कौन बैठा है इसकी भी जानकारी दी थी।
एनआईए ने बताया है कि उन चार नेताओं ने जिस सिम कार्ड का इस्तेमाल किया था वह फर्जी पते और फर्जी पहचान पर लिए गए थे। अब वे बंद हैं।
नक्सली हमला: 11 सवाल, जिन पर नहीं हो रही चर्चा
वहीं आईबीएन लाइव के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्रालय के सूत्रों ने इससे इंकार किया है। सूत्रों का कहना है कि जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और हमले में किसी कांग्रेसी नेता के साजिश में शामिल होने के तथ्य अभी सामने नहीं आए हैं।
गौरतलब है कि 25 मई को सुकमा जिले के दरभा घाटी में नक्सलियों ने कांग्रेस पार्टी के चुनाव यात्रा को निशाना बनाया था। जिसमें प्रमुख नेता नंदकुमार पटेल, महेंद्र कर्मा और उदय मुदलियार समेत 30 लोगों की मौत हो गई थी।
जबकि वरिष्ठ नेता विद्या चरण शुक्ल गंभीर रुप से घायल हो गए थे। उनका अभी इलाज चल रहा है।