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पंकजा पर उंगली उठाने वाली कांग्रेस खुद फंसी

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महाराष्ट्र की महिला और बाल विकास मंत्री पंकजा मुंडे 206 करोड़ के चिक्की घोटाले में फंसी हैं।पंकजा के खिलाफ कांग्रेस ने मोर्चा खोला रखा है।लेकिन इंडियन एक्सप्रेस ने खुलासा किया है कि पंकजा मुंडे ने एक दिन में 206 करोड़ का जो ठेका बांटा था उनमें से 114 करोड़ का ठेका तो सिंधुदुर्ग की महिला कांग्रेस नेता के एनजीओ को मिला है।
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गौरतलब है कि सिंधुदुर्ग की महिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रदन्या परब सूर्यकांता महिला औद्योगिक सहकारी संस्था चलाती हैं। पंकजा के खिलाफ कांग्रेस नेता सचिन सावंत ने एंटी करप्शन ब्यूरो को शिकायत दी है। एसीबी ने जांच भी शुरू कर दी है लेकिन कांग्रेस अब कैसे पंकजा पर भाजपा सरकार से जवाब मांगेगी।

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, 55 साल की परब तीन बार पार्षद रही हैं। पहले एनसीपी में थी।2010 में कांग्रेस शामिल हुईं। कांग्रेस के दिग्गज नेता नारायण राणे ने परब की सूर्यकांता फैक्ट्री का उद्घाटन किया था। परब का एनजीओ 2011 से महाराष्ट्र सरकार को चिक्की सप्लाई करता आ रहा है। प्रदन्या परब का कहना है कि उनकी संस्था पहले से अच्छा काम करती रही है। वे ई-टेंडरिंग कर नहीं सकते थे इसलिए सरकार ने हमें सीधे ठेका दिया है।
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संस्था के एडवाइजर एमके गावड़े के अनुसार संस्था को जो 75 करोड़ रुपयों का ऑर्डर मिला है उसमें से 52 करोड़ का ऑर्डर तो मूंगफली की चिक्की का है और 22 करोड़ का ऑर्डर राजगिरा की चिक्की का मिला है। जिले में हमारी एकमात्र संस्था है जो इन दो पदार्थों से चिक्की बनाने का काम करती है, और पिछले तीन साल से ये काम हम कर रहे है।
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क्या है पूरा विवाद?

महाराष्ट्र की महिला और बाल विकास मंत्री पंकजा मुंडे पर 206 करोड़ के घोटाले का आरोप लग रहा है. उन पर आरोप है कि उन्होंने कायदे कानून को ताक पर रखकर अपनी पसंद की कंपनियों को स्कूल में खाना सप्लाई करने का ठेका दिया है.

कांग्रेस ने इस मुद्दे पर पंकजा मुंडे से इस्तीफा मांगा है। वहीं पकंजा मुंडे ने सफाई देते हुए कहा है कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है.

उल्लेखनीय है कि पंकजा मुंडे के मंत्रालय में एक ही दिन में 206 करोड़ की खरीददारी हुई है जिसमें आदिवासी छात्रों के लिए चिक्की, किताबें, वॉटर फिल्टर जैसी चीजें खरीदी गईं. बाद में खुलासा हुआ कि ये सारी खरीददारी बिना किसी टेंडर के हुई है जबकि राज्य सरकार के नियम के मुताबिक एक लाख से ऊपर की सरकारी खरीद के लिए ई-टेंडर निकालना जरुरी है.

घोटाले के सामने आने पर कांग्रेस ने पंकजा मुंडे के मामले की शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो से की है और उसका दावा कि पंकजा के खिलाफ पुख्ता सबूत हैं.
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