केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश के बयान को लेकर कांग्रेस के नेता नाराज हैं। रमेश के बयान पर पार्टी के गुस्से को छिपाने के लिए पार्टी उनकी राय को निजी बताकर किनारा कर रही है।
जयराम के बयान को खारिज करने के अलावा कड़ी नसीहत भी दी जा रही है। सरकार के एक अहम मंत्री ने कहा है कि अगर जयराम को चुनाव लड़ा दिया जाए तो वह सलाह देना ही भूल जाएंगे।
कांग्रेस और सरकार के अंदर भी उनके बयान से असहजता महसूस की जा रही है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और मंत्री इसे आत्मघाती हमले से कम नहीं मान रहे हैं।
नरेंद्र मोदी बनाम राहुल गांधी की जंग तेज होने के साथ ही रमेश का बयान कांग्रेस का सिरदर्द बन रहा है। जयराम ने कहा था कि राहुल बहुत दूर तक देख रहे हैं। वे व्यवस्था के साथ कांग्रेस को आगे आने के लिए तैयार कर रहे हैं, लेकिन उन्हें फिलहाल ये प्रयास आने वाले चुनाव को ध्यान में रखकर करने चाहिए।
जयराम की यह बात दरअसल राहुल की नीतियों पर ही सवाल खड़ा कर रही है। पार्टी के एक अहम और स्वतंत्र प्रभार के युवा राज्य मंत्री ने कहा कि जयराम अगर चुनाव लड़ें तो उन्हें जमीनी हकीकत का पता लग जाएगा। शायद वह फिर कभी सलाह नहीं देंगे।
उनके मुताबिक चुनाव में जमीनी हकीकत को बिना जाने और परखे जयराम बड़ी-बड़ी बात कर पार्टी और सरकार को ही नुकसान पहुंचा रहे हैं। उधर कांग्रेस ने भी किनारा कर लिया है। पार्टी ने उनके बयान को निजी बताया है। पार्टी प्रवक्ता मीम अफजल ने कहा कि इस बारे में ग्रामीण विकास मंत्री ही जवाब देंगे।