फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मोदी की तारीफ पर बवाल, कांग्रेस को कड़ा ऐतराज

विज्ञापन
विज्ञापन
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के करीबियों में से एक जनार्दन द्विवेदी के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करने की बात सामने आने के बाद पार्टी के अंदर भूचाल आ गया है। दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान उपजे इस विवाद को देखते हुए कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए द्विवेदी के बयान की निंदा की है।
विज्ञापन


साथ ही उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की बात भी कह दी। वहीं द्विवेदी ने फिर सफाई दी कि उन्होंने मोदी को कभी भारतीयता का प्रतीक नहीं कहा। द्विवेदी ने कहा कि गांधी और कांग्रेस भारतीयता के सबसे बड़े प्रतीक हैं। उन्होंने वेबसाइट पर उनके बयान की मनगढ़ंत व्याख्या का आरोप लगाया है।

सूत्रों का कहना है कि द्विवेदी की सफाई के बाद पार्टी हाईकमान इस मामले को यहीं दफन करना चाहता है। लिहाजा, उनके खिलाफ कार्रवाई की संभावना कम मानी जा रही है।
विज्ञापन


बृहस्पतिवार सुबह से ही द्विवेदी के बयान को लेकर कांग्रेस के अंदर हड़कंप मचा हुआ था। दिल्ली चुनाव में पार्टी का चेहरा और पार्टी महासचिव अजय माकन ने दोपहर साढ़े 12 बजे विशेष प्रेस कांफ्रेंस बुलाकर द्विवेदी के बयान की कड़ी निंदा की और कहा कि प्रधानमंत्री मोदी भारतीयता के प्रतीक नहीं हो सकते।

मोदी के बारे में पार्टी ऐसा नहीं सोचती

उन्होंने कहा कि द्विवेदी ने जो कहा वो पार्टी की सोच कतई नहीं है। मोदी के बारे में पार्टी ऐसा कतई नहीं सोचती। माकन ने कहा कि मोदी के चुनावी भाषणों में लोगों को बांटने की कोशिश रहती है। गुजरात दंगों में भी उनकी भूमिका देखी गई है।

उन्होंने कहा कि द्विवेदी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई को लेकर पार्टी का शीर्ष नेतृत्व जल्द फैसला ले सकता है। माकन ने कहा कि भारतीयता वह होती है जो जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी ने दिखाई।

माकन ने काशी विद्यापीठ के विदाई समारोह में 1970 में इंदिरा गांधी के भारतीयता को लेकर दिए व्याख्यान पढ़ कर कहा कि सबको, पूरे देश और विश्व को साथ लेना भारतीय है। एक हजार साल पहले ऋषि-मुनियों ने भी यही बात कही थी। माकन के इस निंदा भरे बयान के कुछ समय बाद ही द्विवेदी ने फिर सफाई दी।

उन्होंने कहा कि एक व्यर्थ का विवाद चलाया जा रहा है। किसी की तारीफ नहीं की गई है। उन्होंने कभी नहीं कहा कि मोदी भारतीयता के प्रतीक हैं। गांधी और कांग्रेस खुद भारतीयता का प्रतीक लगातार रही है। उससे बड़ा कोई प्रतीक नहीं है।
विज्ञापन

'कार्रवाई से नहीं पड़ता फर्क'

खुद के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के सवाल पर द्विवेदी ने कहा कि बहुत लोगों के खिलाफ कार्रवाई हुई है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।

माकन के बयान पर भी उन्होंने बिना उनका नाम लिए नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि जो लोग कह रहे है कि उन्होंने मोदी की तारीफ की है। उनकी बुद्धि पर वह तरस खाते हैं। द्विवेदी ने कहा कि वह एक विद्यार्थी, पत्रकार और शिक्षक रह चुके है। उन्हें भारतीयता के बारे में किसी से समझने की जरूरत नहीं है।

अजय माकन, कांग्रेस महासचिव ने कहा कि द्विवेदी ने जो कहा वो पार्टी की सोच कतई नहीं है। मोदी के बारे में पार्टी ऐसा कतई नहीं सोचती। मोदी के चुनावी भाषणों में लोगों को बांटने की कोशिश रहती है। गुजरात दंगों में भी उनकी भूमिका देखी गई है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें